सोनीपत। बेमौसम बारिश के चलते किसानों को फसलों में बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जिले के 19104 किसानों ने 138454 एकड़ भूमि में फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवाई है। किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके इसके लिए प्रशासन की विभिन्न टीमों की तरफ से सत्यापन का काम किया है।
बेमौसम बारिश से फसल खराब होने पर किसानों ने मुआवजे की मांग की थी। किसानों की मांग पर प्रशासन की तरफ से क्षतिपूर्ति पोर्टल को 10 अप्रैल तक खोला था। क्षतिपूर्ति पोर्टल पर सबसे अधिक शिकायतें गोहाना खंड से प्राप्त हुई है। जहां के 63 गांवों के 8267 किसानों ने 60 हजार 92 एकड़ भूमि में फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवाई है। जबकि सोनीपत खंड के 104 गांवों के 4384 किसानों ने 29 हजार 73 एकड़ भूमि में फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवाई है। खरखौदा ब्लाक के 44 गांवों के 2314 किसानों ने 16 हजार 789 एकड़ भूमि में फसल खराब होने की शिकायत दी है। सबसे कम शिकायत राई खंड से सामने आई है। जहां 795 किसानों ने 6226 एकड़ भूमि में फसल खराब होने की शिकायत दर्ज करवाई है।
वहीं जिले में मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर 30732 किसानों ने अपनी फसलों का ब्योरा दर्ज करवाया है। जिसके तहत 216537 एकड़ भूमि कवर की गई है। इसमें गन्नौर के 4563 किसानों, गोहाना के 11458 किसान, खानपुर के 2282 किसान, खरखौदा के 3969 किसानों ने अपनी फसलों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज करवाया है।
डीआरओ हरिओम अत्री का कहना है कि क्षतिपूर्ति पोर्टल पर 1.38 लाख एकड़ से अधिक भूमि खराब होने की शिकायत दर्ज हुई है। शिकायतों का सत्यापन किया गया है। जिसके आधार पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।