सोनीपत। खरीफ सीजन के बीच खाद की कमी से जूझ रहे किसानों को राहत मिली है। शनिवार को सोनीपत रेलवे स्टेशन पर 1400 मीट्रिक टन यूरिया और 500 एमटी डीएपी खाद का रैक पहुंचा। रविवार को 1400 एमटी यूरिया और पहुंचने की संभावना है।
जिले में इस समय धान, कपास, बाजरा और ज्वार को यूरिया की जरूरत है लेकिन कुछ दिनों से किसानों को खाद नहीं मिल पाने के कारण उनको परेशानी उठानी पड़ रही है। कई जगहों पर खाद वितरण पुलिस निगरानी में करवाना पड़ा था। खरीफ सीजन में जिले में कुल यूरिया खाद की मांग करीब 49 हजार एमटी रहती है। अब तक 47 हजार एमटी खाद जिले में पहुंच चुकी थी।
रेलवे स्टेशन पर पहुंचे रैक के साथ यह आंकड़ा और अधिक बढ़ गया है। वहीं डीएपी खाद की डिमांड धीरे-धीरे कम हो रही है लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त मात्रा में डीएपी भी जिले में उपलब्ध है।
टैगिंग पर सख्ती, शिकायत पर रद्द होगा लाइसेंस
कृषि विभाग ने खाद विक्रेताओं को सख्त चेतावनी जारी की है कि वह खाद के साथ किसी अन्य उत्पाद को जबरदस्ती न बेचें। इसे टैगिंग कहा जाता है। यह पूरी तरह प्रतिबंधित है। किसानों से भी आग्रह है कि यदि कोई विक्रेता ऐसा करता है तो उसकी शिकायत तुरंत संबंधित विभाग को करें। दोषी पाए जाने पर विक्रेता का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
धान की खेती का दायरा 90 हजार हेक्टेयर
खरीफ सीजन में सोनीपत जिले में करीब 90 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की रोपाई की गई है। इस अवधि में जुलाई के अंतिम सप्ताह और अगस्त के पहले सप्ताह में यूरिया की मांग सबसे अधिक होती है। ऐसे समय में खाद की सुचारु आपूर्ति से किसानों की उत्पादन लागत नियंत्रित रहेगी और उपज में भी सुधार होगा।
वर्जन
सोनीपत रेलवे स्टेशन पर यूरिया और अधिक डीएपी खाद पहुंच चुका है। अगली रैक की भी तैयारी है। किसानों की किल्लत अब खत्म मानी जा सकती है। हम अपील करते हैं कि किसान केवल आवश्यकता अनुसार खाद लें और पक्के बिल पर ही खरीद करें। -डॉ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत