फोटो 08: सोनीपत के गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज। संवाद
सोनीपत। एमडीआर (बिगड़ी हुई) टीबी के नमूनों की जांच करने के लिए पैथनेट मशीन मिली है। इस मशीन को बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल काॅलेज की प्रयोगशाला में स्थापित किया जाएगा। इस मशीन की खासियत यह है कि इसमें एक साथ 16 नमूनों की जांच की जा सकेगी। जांच के बाद रिपोर्ट मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी। पैथनेट मशीन उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है।
पैथनेट मशीन के जरिए बिगड़ी हुई टीबी के उपचार और नियंत्रण के लिए आईसोनिकोटिनिक एसिड हाईड्राजाइड (आईएनएच) प्रतिरोध का पता लगाना आसान हो जाएगा। पहले आईएनएच प्रतिरोध का पता लगाने के लिए एमडीआर टीबी के नमूनाें को करनाल स्थित प्रयोगशाला में भेजा जाता था। बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल काॅलेज में जल्द एमडीआर टीबी के नमूनों की जांच हुआ करेगी। इसके बाद सोनीपत से एमडीआर टीबी के नमूनों को करनाल नहीं भेजा जाएगा। इससे जांच जल्द होने के साथ समय की बचत होगी।
सरकार ने राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत 16 मॉड्यूल की पैथनेट मशीन को मंजूरी दी है। अभी तक जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में सीबी नेट व ट्रूनेट मशीन से एक बार में सिर्फ चार नमूनों की जांच हो पाती है। एक साथ 16 मरीजों के नमूनों की जांच होने से समय भी कम लगेगा और उपचार भी समय से हो सकेगा। वर्तमान में अन्य किसी भी अस्पताल में इस तरह की मशीन नहीं है।
एमडीआर टीबी के नमूनों की जांच के लिए पैथ नेट मशीन को मंजूरी मिली गई है। जल्द ही इस मशीन को बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल की प्रयोगशाला में स्थापित किया जाएगा। इसके बाद 16 मरीजों के नमूनों की जांच एक साथ की जा सकेगी। -डॉ. तरुण यादव, उप सिविल सर्जन।