गोहाना। बैंक कर्ज अदा न करने पर अदालत ने एक महिला को एक साल की सजा सुनाई है। महिला ने बैंक से 6 लाख रुपये का कृषि ऋण लिया था। जेएमआइसी राकेश कादयान की अदालत ने महिला को बैंक को दिए गए चेक की एवज में बकाया राशि का भी भुगतान करना होगा।
गांव निजामपुर निवासी सरोज बाला ने 27 दिसंबर, 2011 को कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक गोहाना शाखा से मशरूम की खेती के लिए 6 लाख रुपये का ऋण लिया था। बैंक के सहायक मैनेजर महावीर सिंह मलहान ने बताया कि महिला ने समय पर अपनी किश्त नहीं दी। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने महिला से संपर्क किया। महिला ने ऋण की अदायगी के लिए 23 अक्टूबर, 2013 को बैंक को 1 लाख 70 हजार 900 रुपये की राशि का चेक दे दिया। लेकिन खाते में पर्याप्त पैसे न होने से चेक बाउंस हो गया। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने सरोज बाला को लीगल नोटिस जारी करवाया। भुगतान न किए जाने पर बैंक अधिकारी ने बाउंस हुए चेक के आधार पर अदालत की शरण ली। मामला अदालत में जाने के बाद महिला ने बैंक को 50 हजार रुपये का भुगतान भी किया गया। अदालत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए सरोजबाला को एक साल की कैद की सजा सुनाई और चेक के बकाया 1 लाख 20 हजार 900 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए।