नियम 134ए के तहत बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाने की मांग के लिए वीरवार को लघु सचिवालय पहुंचे अभिभावकों ने जमकर प्रदर्शन किया। छात्र-अभिभावक संघ की सदस्य प्रवेश कुमारी के नेतृत्व में अभिभावकों ने सरकार, जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने डीसी से मुलाकात की तो उन्होंने ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया। बाद में जब अभिभावकों को डीईओ कार्यालय पर ताला जड़ने पर मुकदमा दर्ज करने का पता लगा तो उन्होंने रोष जताया। गुस्साए अभिभावकों व छात्र-अभिभावक संघ के सदस्यों ने कहा कि जब तक पात्र विद्यार्थियों को अलॉट स्कूलों में दाखिला नहीं मिल जाता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
वीरवार को लघु सचिवालय पहुंचे अभिभावकों ने पहले मांगों के लिए प्रदर्शन किया। उसके बाद प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से मिला और 134ए के तहत बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करवाने की मांग की। इस पर उपायुक्त ने कहा कि इस मामले में सभी अधिकारी गंभीरता से काम कर रहे हैं। नियमों की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों को नोटिस भी जारी किए गए हैं। साथ ही इस बारे में चंडीगढ़ उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया गया है। उन्होंने बुधवार को डीईओ कार्यालय पर ताला जड़ने की घटना को गलत बताते हुए कहा कि कोई भी अभिभावक ऐसे कदम न उठाएं। कार्यालयों पर ताला जड़नेे जैसी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बीईओ कार्यालय पर दाखिला न देने की दी शिकायत
मॉडल टाउन स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे अभिभावकों ने कुछ निजी स्कूलों के खिलाफ दाखिला न देने की शिकायत दी। अभिभावकों ने कहा कि उन्होंने अपने बच्चों का पिछले स्कूल से एसएलसी भी निकलवा लिया है और अब अलॉट स्कूल संचालक दाखिला नहीं दे रहे, जबकि विद्यार्थियों को स्कूल में उपस्थिति दर्ज करवाने की अंतिम तिथि 7 जनवरी निर्धारित है। अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करवाने की मांग की।
निजी स्कूलों पर कार्रवाई नहीं, हमने ताला जड़ा तो केस दर्ज
प्रवेश कुमारी ने कहा कि बच्चों को दाखिला दिलवाने के लिए अभिभावक 20 दिनों से संघर्षरत हैं। इस दौरान उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी व निजी स्कूलों में प्रदर्शन करते हुए दाखिले की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक दाखिले नहीं मिल पाए। अधिकारी निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की बात तो कह रहे हैं, लेकिन मनमानी करने वाले एक भी निजी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। हमने एक दिन डीईओ कार्यालय पर ताला जड़ा तो केस दर्ज कर लिया गया। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को पहले दाखिला दिलवा दिया जाता तो यह कदम उठाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। प्रवेश कुमारी ने जब तक बच्चों को दाखिला नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
डीईओ कार्यालय की अधीक्षक के बयान पर दर्ज किया गया मुकदमा
डीईओ कार्यालय में नियुक्त अधीक्षक ने सेक्टर-27 थाना में बुधवार देर रात मुकदमा दर्ज कराया है कि बुधवार को दोपहर के समय कई हुड़दंगियों ने डीईओ कार्यालय के बाहर हंगामा किया और गेट पर ताला जड़ दिया था। साथ ही कार्यालय के बाहर टेंट लगाकर हंगामा किया। इससे कर्मी कार्यालय के काम से बाहर आ-जा भी नहीं सके। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रखा है।
मामला दर्ज करना तानाशाही : विमल किशोर
बच्चों को दाखिला दिलवाने की मांग के लिए आंदोलनरत अभिभावकों पर मामला दर्ज करना निंदनीय है, इसे निरस्त किया जाए। अभिभावकों पर केस दर्ज कर सरकार व प्रशासन ने दिखा दिया है कि वह निजी स्कूलों को संरक्षण दे रहे हैं। यही कारण है कि निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित अभिभावकों पर मामला दर्ज किया जा रहा है। यह तानाशाही है। अगर नहीं है तो मनमानी करने वाले निजी स्कूलों पर कार्रवाई करें और बच्चों को दाखिला दिलवाएं। छात्र अभिभावक संघ डरने वाला नहीं है। जब तक 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों के दाखिले नहीं होते, आंदोलन जारी रहेगा।
- विमल किशोर, संयोजक, छात्र-अभिभावक संघ
वर्जन
नियम 134ए के तहत पात्र विद्यार्थियों को दाखिला देने में आनाकानी करने वाले निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। साथ ही सभी स्कूलों दाखिला सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जो स्कूल नियमों की अवहेलना करेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- प्रोमिला भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत