फोटो 01: सोनीपत के एक गांव लगाए गए निक्षय शिविर में टीबी की जांच कराने पहुंचे ग्रामीण। स्रोत :
सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तपेदिक (टीबी) मुक्त भारत बनाने के उद्देश्य से 100 दिन निक्षय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर में अब तक 2.32 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से सीबी नॉट मशीन से बलगम के 6011 नमूनों की जांच करने पर अब तक टीबी के 1173 मरीज मिल चुके हैं। विभाग की ओर से मरीजों को निशुल्क परामर्श दिया गया है। साथ ही उन्हें दवाएं उपलब्ध कराकर उपचार शुरू कर दिया गया है।
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत क्षेत्र को टीबी मुक्त के लिए 100 दिन का निक्षय शिविर लगाए जा रहे हैं। इसमें मरीजों की पहचान के लिए वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर संस्था के सहयोग से लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। विभाग की टीम हाई रिस्क (उच्च जोखिम) क्षेत्र में मशीन से स्क्रीनिंग कर रहा है।
टीबी के मरीजों को शुरुआत में एक महीने तक दवा दी जाती है। मरीजों को लगातार चार माह तक टीबी की दवा लेनी पड़ती है। वहीं गंभीर टीबी रोगियों को लगभग एक साल तक उपचार दिया जाता है। वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने के उद्देश्य से 100 दिन निक्षय शिविर की शुरुआत 7 दिसंबर 2024 को हुई थी। अब तक विभाग ने 1173 टीबी मरीजों की पहचान कर उनका उपचार शुरू कर दिया गया है। निक्षय शिविर में तीन मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) संचालित की जा रही है। प्रत्येक वाहन में टीबी जांच के लिए एक्स-रे मशीन और बलगम जांच की लिए सीबी नॉट मशीन की सुविधा है। इसके जरिए अब तक 2.32 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।
इसमें बलगम के 6011 नमूने की सीबी नेट से जांच की जा चुकी है। 7171 संदिग्ध मरीजों के एक्स-रे किए जा चुके हैं। तीन सप्ताह से ज्यादा समय से खांसी वाले मरीजों की स्पेशल स्क्रीनिंग की जा रही है।
फोटो 01: सोनीपत के एक गांव लगाए गए निक्षय शिविर में टीबी की जांच कराने पहुंचे ग्रामीण। स्रोत :