समग्र शिक्षा के तहत प्रदेश के 1100 दिव्यांग विद्यार्थी ग्रीष्मकालीन अवकाश में मनाली की वादियों का प्रकृति का आनंद उठाएंगे। इनके साथ 10 जिलों में चल रहे 32 कतूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) की 1194 छात्राएं भी मनाली में लगने वाले पांच दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर में हिस्सा लेंगी। मनाली में शिविर लगाने का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़ना और उसके बारे में अवगत कराना है। शिविर में सभी विद्यार्थी ठंडी वादियों का लुत्फ उठाएंगे।
नेशनल एडवेंचर क्लब चंडीगढ़ की तरफ से मनाली मेें लगाए जाने वाले ग्रीष्मकालीन साहसिक और प्रकृति अध्ययन शिविर (समर एडवेंचर एंड नेचर स्टडी कैंप) 2 जून से शुरू होंगे। शिविर का समापन 2 जुलाई को होगा। जिला सहायक परियोजना समन्वयक रुपेंद्र पूनिया ने बताया कि शिविर के लिए प्रदेश के सभी जिलों को छह भागों में विभाजित किया गया है। जो मनाली मेें पांच-पांच दिवसीय शिविर में भाग लेंगे। शिविर में पहली से 12वीं कक्षा तक के दिव्यांग और केजीबीवी में छठी से 12वीं कक्षा तक की मेधावी छात्राएं भाग लेंगी। सभी विद्यार्थी शिविर में आयोजित विभिन्न गतिविधियों में भाग लेंगे और अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। विभिन्न गतिविधियों में अव्वल रहने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए जाएंगे। शिविर में हिस्सा लेने वाले विद्यार्थियों को अपने साथ जूते, रात के लिए गर्म कपड़े, करीब तीन जोड़ी कपड़े, ब्रश, तौलिया, टॉर्च लेकर जाने होंगे।
पंचकूला तक किराये व रिफ्रेशमेंट के लिए 4.27 लाख का बजट जारी
मनाली में लगने वाले ग्रीष्मकालीन साहसिक और प्रकृति अध्ययन शिविर में प्रत्येक जिले से 50 सदस्यीय दल रवाना होगा। इसमें 45 दिव्यांग विद्यार्थियों के साथ दो महिला व दो पुरुष विशेष शिक्षक के अलावा एक सहायक परियोजना समन्वयक (एपीसी) शामिल रहेंगे। इन विद्यार्थियों को पंचकूला तक लेकर जाने का किराया व रिफ्रेशमेंट के लिए प्रदेश के सभी जिलों के लिए 4 लाख 27 हजार 350 रुपये का बजट भेजा है। जिसमें प्रत्येक जिले को 19 हजार 425 रुपये की ग्रांट जारी की गई है। पंचकूला से मनाली तक लेकर जाने व वहां रहने से लेकर खाने-पीने तक की व्यवस्था नेशनल एडवेंचर क्लब चंडीगढ़ द्वारा की गई है।
यह है शिविर का उद्देश्य
दिव्यांग व मेधावी लड़कियों को प्रकृति और शिविर का अनुभव प्रदान करना और उन्हें प्रकृति संसाधनों का पता लगाने का अवसर देना।
दिव्यांग विद्यार्थियों, मेधावी लड़कियों में टीम भावना एवं आत्मविश्वास पैदा करना और उन्हें दोस्त बनने में मदद करना
दिव्यांगों में मेधावी लड़कियों में एकता और समानता के प्रति दृष्टिकोण पैदा करना
पहाड़ी क्षेत्र के बाहरी वातावरण का अनुभव करना
यह रहे सभी जिलों का शेड्यूल
बैच तिथि दिव्यांग केजीबीवी जिला
पहला 3 से 7 जून 200 223 सिरसा, पंचकूला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र
दूसरा 8 स 12 जून 200 388 भिवानी, पलवल, गुरुग्राम, महेंद्रगढ़
तीसरा 13 से 17 जून 200 386 हिसार, चरखी दादरी, फरीदाबाद, अंबाला
चौथा 18 से 22 जून 200 424 रोहतक, झज्जर, पानीपत, नूंह
पांचवां 23 से 27 जून 150 337 कैथल, रेवाड़ी, जींद
छठा 28 जून से 02 जुलाई 150 336 करनाल, सोनीपत, फतेहाबाद
केजीबीवी से ये छात्राएं लेंगी शिविर में भाग
जिला छात्राएं
सिरसा 223
पलवल 75
महेंद्रगढ़ 38
भिवानी 75
हिसार 186
पानीपत 38
नूह 186
जींद 112
कैथल 75
फतेहाबाद 186
कुल 1194
समग्र शिक्षा के तहत मनाली में ग्रीष्मकालीन साहसिक और प्रकृति अध्ययन शिविर लगाया जा रहा है। जिसमें सभी जिलों से 45-45 दिव्यांग विद्यार्थियों का चयन किया गया है। शिविर की शुरुआत 2 जून से होगी। प्रदेश के सभी जिलों को छह बैच में विभाजित किया गया है। सोनीपत अंतिम बैच मेें हैं। यहां से विद्यार्थियों व शिक्षकों का दल 28 जून से 2 जुलाई तक लगने वाले शिविर में हिस्सा लेंगे। शिविर को लेकर दिव्यांग विद्यार्थियों में उत्साह बना हुआ है। शिविर को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। -नवीन गुलिया, जिला परियोजना संयोजक, सोनीपत।