सोनीपत। जिले में विभिन्न क्षेत्रों में जमीनों के कलेक्टर रेट में 10 से 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई। यह फैसला बुधवार को लघु सचिवालय परिसर में डीसी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। इसके साथ ही कलेक्टर रेट को स्वीकृति के लिए वित्तायुक्त को फाइल भेजी गई है।
उपायुक्त ने आईएमटी खरखौदा के तहत औद्योगिक, आवासीय और संस्थागत रेट निर्धारण करने के लिए विस्तार से चर्चा की। आईएमटी के एस्टेट मैनेजर विकास गुप्ता से भी सुझाव मांगे। उन्होंने बताया कि औद्योगिक भूमि के लिए अलग व आवासीय और संस्थागत रेट अलग-अलग निर्धारित किए जाएंगे। इसके अलावा उपायुक्त ने गन्नौर में एक निजी बिल्डर की प्लाटिंग की पड़ताल के निर्देश दिए।
डीसी ने बताया कि गन्नौर के गांव चंदोली, पबनेरा और ग्यासपुर में अव्यवस्थित निर्माण के कारण कलेक्टर रेट में 15.87 प्रतिशत की वृद्धि की गई। अन्य कुछ गांवों में 10 से 17 प्रतिशत की वृद्धि की है। सोनीपत शहरी क्षेत्र में आवासीय रेट रिवाइज किए बए। ग्रामीण अंचल में भी अलग-अलग गांवों के तहत कलेक्टर रेट तय किए हैं। डीसी ने गोहाना में एक्सप्रेस-वे के लिए नए रेट निर्धारित करवाए। बैठक में हर क्षेत्र के कलेक्टर रेट निर्धारित करते हुए अंतिम रूप दिया गया।
उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में कम से कम पांच औद्योगिक इकाइयों की जांच करें। अगर कहीं कोई खामी पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करें। साथ ही उन्होंने स्कूल-कॉलेजों की बसों में भी आगजनी की घटनाओं की रोकथाम के लिए जरूरी प्रबंधों की जांच की जाए। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त अशोक कुमार बंसल समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।