नेशनल हाईवे-44 पर भिगान टोल प्लाजा को जाम कर हंगामा करने, मैनेजर और पुलिस टीम से हाथापाई व पिटाई करने के आरोप में गिरफ्तार 10 आरोपियों को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में पेश किया। वहां से आरोपियाें को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मामले में पुलिस अब आरोपियों को ट्रस्ट से जोड़ने के आरोपी की तलाश को उत्तर प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है। आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर बंद लिया है। वहीं मामले में एक अन्य महिला की भूमिका का पता लगा है। पुलिस उसके बारे में भी सुबूत जुटा रही है।
भिगान टोल प्लाजा पर 30 अक्तूबर को मैनेजर को हथकड़ी लगाकर अगवा करने के प्रयास का मामला सामने आया था। आरोपियों से पूछताछ करने गई पुलिस से भी हाथापाई की गई थी। पुलिस ने वहां से चार कार में सवार 10 लोगों को काबू किया था। उनकी पहचान दिल्ली के केशवपुरम निवासी राहुल मेहरा, दिल्ली के गांव हमीदपुर निवासी बिजेंद्र शर्मा, दिल्ली के मयूर विहार निवासी पुनीत कुमार, उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर के सिगमा अपार्टमेंट निवासी टीकम सिंह, गौतम बुद्ध नगर के राजपुर निवासी गजेंद्र सिंह, गौतम बुध नगर के सेक्टर-82 निवासी परमिंदर सिंह, सेक्टर-49 फरीदाबाद निवासी अमनदीप सिंह, आगरा के इंद्रा नगर रामबाग निवासी नीरज, मूलरूप से पश्चिमी बंगाल फिलहाल गुरुग्राम के सेक्टर-37 निवासी दीपक चौबे, करनाल के बुढ़ा खेड़ा के विक्रमजीत सिंह के रूप में हुई।
आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि आरोपी यूनिवर्सल लॉ ऑफ कम्यूनिटी ट्रस्ट (यूएलसीटी) के सदस्य हैं। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों को ट्रस्ट से उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी प्रशांत झा ने जोड़ा था। अब पुलिस टीम आरोपी प्रशांत को तलाश कर रही है। बताया गया है कि वह दस आरोपियों के पकड़े जाने के बाद से ही भूमिगत हो गया है। उसने अपना मोबाइल बंद रखा है।
2500 से 3000 हजार रुपये लेकर बनाए सदस्य
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार दस आरोपियों को 2500 से 3000 रुपये लेकर सदस्यता दी थी। जिसके बाद भी 1000 से 1200 रुपये लिए गए थे। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्य जुटा रही है। आरोप है प्रशांत ने ही उन्हें ग्रुप से जोड़कर टेलीग्राम पर मैसेज भेजे थे। जिससे उनकी मानसिकता को विद्रोही बनाया गया।
एक अन्य महिला की संलिप्तता का लगा पता
पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रशांत के साथ एक महिला भी लोगों की मानसिकता को विद्रोही बनाने में शामिल थी। उसके बारे में बताया गया है कि वह ग्रीस की है। हालांकि उसके बारे में अभी ज्यादा जानकारी हाथ नहीं लगी है। उसके बारे में पता लगाया जा रहा है कि वह कहां की रहने वाली है। उसका संबंध ग्रीस से है भी या वह देश में ही कहीं रह रही है।
परिवार से अलग रहने लगे थे आरोपी
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी ब्रेनवॉश के बाद परिवार से भी अलग-थलग रहने लगे थे। वह घंटों मोबाइल का प्रयोग करते थे। मोबाइल पर ही ट्रस्ट के वीडियो देखते रहते थे। उन्हें परिवार में चल रही गतिविधियों से भी कोई लेना-देना नहीं रह गया था।
गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया जहां उन्हें जेल भेज दिया गया है। मामले में जुड़े अन्य आरोपियों का पता लगाने का हरसंभव प्रयास जारी है। जांच के आगे बढ़ने के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
-मयंक गुप्ता, एएसपी, खरखौदा।