एशियन कुश्ती चैंपियनशिप में देश की 10 महिला पहलवानों ने अंडर 23 आयुवर्ग में छह स्वर्ण सहित 10 पदक अपने नाम कर ओवरऑल ट्रॉफी जीती है। बेटियों की इस जीत में सोनीपत का नाम भी चमका है। जुआं गांव की बहू मंजीत रानी के मार्गदर्शन में ही महिला पहलवानों की टीम ने देश और हरियाणा का नाम रोशन किया है।
एशियाई कुश्ती प्रतियोगिता 22 से 30 जून तक जॉर्डन के अम्मान शहर में आयोजित हुई। इसमें भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए महिला टीम की पहलवानों का शानदार प्रदर्शन किया। महिला कुश्ती टीम के साथ बतौर मुख्य प्रशिक्षक मंजीत रानी ने अपने मार्गदर्शन से पहलवानों की जीत की राह आसान की।
महिला कुश्ती टीम की पहलवानों ने 230 अंक के साथ ओवरऑल ट्रॉफी अपने नाम की। वहीं, कजाकिस्तान की टीम ने 154 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान व किर्गीजस्तान ने 147 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया है।
रोहतक के गांव भगवतीपुर की रहने वाली हैं मंजीत रानी
मंजीत रानी मूल रूप से रोहतक के गांव भगवतीपुर की रहने वाली हैं। वर्ष 2017 में जुआं गांव के मनोज छिक्कारा से मंजीत की शादी हुई थी। मंजीत रानी पहली बार महिला कुश्ती टीम के साथ बतौर मुख्य प्रशिक्षक जॉर्डन गईं थीं। मंजीत रानी ने वर्ष 2009 में एशियन चैंपियनशिप में प्रतिभाग किया था। वह तीन बार राष्ट्रीय पदक विजेता रह चुकी हैं। मंजीत वर्ष 2012 से साईं केंद्र में प्रशिक्षक व भारतीय टीम के साथ हैं।
इन पहलवानों ने जीता स्वर्ण
मीनाक्षी (50 किग्रा, जींद, हरियाणा), रीना (57 किग्रा, हिसार, हरियाणा), पुष्पा यादव (59 किग्रा, यूपी), निकिता ( 62 किग्रा, दिल्ली), अंतिम (65 किग्रा, रोहतक, हरियाणा), प्रिया (76 किग्रा, जींद, हरियाणा।
इन पहलवानों ने जीता रजत पदक
तमन्ना (53 किग्रा, रोहतक, हरियाणा), सीतो (55 किग्रा, रोहतक, हरियाणा), अमृता (65 किग्रा, महाराष्ट्र), प्रियंका (68 किग्रा, रोहतक, हरियाणा)