संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। गांव छिछड़ाना में 10 दिन पहले आए आंधी के बाद से बिजली व्यवस्था पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौट पाई है। आंधी की वजह से 40 खंभे और 9 ट्रांसफार्मर गिर गए थे लेकिन बिजली विभाग अभी तक इनको ठीक नहीं कर पाया है। इससे ग्रामीण 10 दिन से परेशान हैं।
छिछड़ाना के सरपंच राजबीर ने बताया कि बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, भैंसों के लिए चारा काटने और खेतों में पानी लगाने का काम भी बंद है। भीषण गर्मी की वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहींं हो रहा है।
सोमवार को गांव के काफी लोग एकजुट होकर गोहाना स्थित कार्यकारी अभियंता कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। इसके बाद बिजली निगम के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि अगर जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
मजबूरी में किसान गर्मी में घर से निकल कर आज बिजली दफ्तर आए हैं। 10 दिन पहले तेज हवा के कारण बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर गिर गए थे जो अब तक व्यवस्था बेहतर नहीं की है। ना खंभे खड़े किए ना ही ट्रांसफार्मर उठाए गए। खेत में भी पानी नहीं दिया जा रहा। फसल खराब हो रही हैं। बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं।
-भगत सिंह, पूर्व सरपंच, छिछड़ाना
10 दिन से खेतों की सप्लाई बंद पड़ी है। तेज हवा ने छिछड़ाना की बिजली सप्लाई के लगभग 40 खंभे और 9 ट्रांसफार्मर नीचे गिरा दिए थे। ज्ञापन सौंपकर दो दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन करेंगे।
-सत्यवान, प्रदेश उपाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन (चढूनी)