हाड़ कंपा देने वाली सर्दी गेहूं सहित रबी की फसलों के लिए वरदान है, जबकि कुछ सब्जियों पर कहर बरपा रही है। क्षेत्र की हजारों एकड़ सब्जियों के खेत पाले की भेंट चढ़ गए हैं। ऐसा होने से क्षेत्र के किसानों में मायूसी का माहौल है। बडे़ स्तर पर सब्जियां नष्ट होने से एक बार फिर सब्जियाें पर महंगाई की मार पड़ सकती है।
इंद्री क्षेत्र के गांव गांगर, रंबा, संघोया, संघोई, दरड़ चुरनी, समोरा, खेडी मानसिंह, धनौरा, कलरी जागीर, मुखाला, मुखाली सहित कई अन्य गांवों में बडे़ स्तर पर सब्जियां उगाई जाती हैं। खासतौर पर टमाटर, गोभी, धनिया पूरी तरह नष्ट हो गया है।
इस क्षेत्र के किसान सब्जियों के माध्यम से ही अपनी आजीविका चलाते हैं। एक अनुमान के अनुसार क्षेत्र में करीब तीन हजार एकड़ पर टमाटर तथा अन्य सब्जियां उगाई गई थीं। हालांकि, अगेती फसल पर पाले का असर कम रहा।
ज्यादातर नुकसान पछेती किस्म की फसलों पर हुआ है। किसान सतबीर सिंह, मनोज कुमार, रामसिंह, धर्मसिंह, सतीश कुमार और भतेरी देवी ने बताया कि उन्होंने टमाटर, गोभी तथा अन्य सब्जियां उगाई थी, जो पाले के कारण पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।
इन किसानों ने सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। उद्यान विकास अधिकारी धर्मपाल सैनी ने बताया कि पाले के कारण क्षेत्र की अधिकतर सब्जियां काफी हद तक नष्ट हो चुकी है।
उन्होंने बताया कि सही आंकडे के लिए सर्वे किया जाएगा। फिलहाल, उनके पास 40 से 50 प्रतिशत सब्जियां नष्ट होने की सूचना है।
पूर्व विधायक ने किया दौरा
पूर्व विधायक एवं हजकां के प्रदेश महासचिव राकेश कंबोज ने विभिन्न गांवों का दौरा कर नष्ट हुई सब्जियों का जायजा लिया। कंबोज ने किसानों के लिए सरकार से 70 हजार रुपये एकड़ मुआवजे की मांग की है।
उन्होंने बताया कि इंद्री क्षेत्र में किसानों सहित मजदूर वर्ग के लोग सब्जियां उगाकर अपनी आजीविका चलाते हैं। अधिकतर किसानों ने ठेके पर जमीन लेकर सब्जियां उगाई हैं, ऐसा होने से इन किसानों और मजदूरों पर दोहरी मार पड़ी है।
उन्होंने मांग करते हुए कहा कि किसानों को मुआवजा मिले और सब्जी की खेती से जुड़े मजदूरों को भी राहत पहुंचाने का रास्ता निकाला जाए। इस अवसर पर उनके साथ हजकां युवा जिला उपाध्यक्ष जसपाल राणा, राकेश राणा, रिषीपाल, बलिंद्र सिंह, रामेश्वर, रिंकू, रामचंद्र प्रजापति भी उपस्थित रहे।