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युवा महोत्सव कला व सांस्कृतिक धरोहरों के रखरखाव में कारगर : प्रो. दीप्ति धर्माणी

Sat, 16 Nov 2024 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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प्रस्तुति देते विद्यार्थी। 
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सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) में शुक्रवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ युवा महोत्सव का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में सिरसा और फतेहाबाद जिलों के 30 से ज्यादा कॉलेजों के 2,000 से ज्यादा प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए पांच मंच बनाए गए हैं। बहुउद्देश्यीय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न काॅलेजों की टीमें मनमोहक प्रस्तुतियां दे रहीं हैं। इनके माध्यम से प्रभावी तरीके से सामाजिक संदेश दिया गया। पहले दिन मिमिक्री, कोरियोग्राफी, माइम, क्ले मॉडलिंग और मेहंदी आदि प्रतियोगिताएं हुईं।
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युवा महोत्सव के पहले दिन चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) भिवानी की कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी ने कार्यक्रमों का शुभारंभ किया। बतौर मुख्य अतिथि प्रो. धर्माणी ने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव न केवल कला और सांस्कृतिक धरोहर के रखरखाव में कारगर साबित होते हैं बल्कि इनका प्रचार-प्रसार भी करते हैं।
शैक्षणिक संस्थान भारतीय संस्कृति के रखरखाव एवं विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारत की संस्कृति विश्व की सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है। इसका डंका विश्वभर में बजता है। इस संस्कृति की बदौलत ही भारतीय युवाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा विश्वभर में मनवाया है। शैक्षणिक संस्थानों में पढ़ रहे विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने में युवा महोत्सव महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।
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कला प्रतिभा को मंच देते हैं ऐसे कार्यक्रम : कुलपति

उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए सीडीएलयू के कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने कहा कि ऐसे महोत्सव विद्यार्थियों की कला प्रतिभा को मंच प्रदान करते हैं। उन्हें भारतीय संस्कृति की विविधताओं को जानने और समझने का मौका भी देते हैं। प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि हम प्रतियोगिता में भाग लेते ही जीत जाते हैं। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी युवा महोत्सव जैसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ती है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहने का आह्वान किया। विवि के कुलसचिव डॉ. राजेश कुमार बंसल ने मुख्य अतिथि समेत सभी मेहमानों का स्वागत किया जबकि युवा कल्याण निदेशक डॉ. मंजू नेहरा ने कार्यक्रम के बारे में बताया।
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इस प्रकार होंगी आगामी प्रतियोगिताएं
16 नवंबर

मंच 1
- शास्त्रीय नृत्य



- हरियाणवी आर्केस्ट्रा
- हरियाणवी पॉप सॉन्ग


- हरियाणवी सोलो डांस पुरुष






मंच 2



- क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट सोलो, नॉन टक्कर
- क्लासिकल इंस्ट्रूमेंट सोलो, टक्कर



- क्लासिकल वोकल सोलो

- संस्कृत ड्रामा



- स्किट




मंच 3

- शब्दपांडित्य संस्कृत



- श्लोकोच्चारण
- क्विज प्री





मंच 4



- ऑन द स्पॉट पेंटिंग

- कार्टूनिंग


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मंच 5
- फोटोग्राफी

- वीडियोग्राफी



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17 नवंबर



मंच 1

- कव्वाली
- हरियाणवी समूह नृत्य
- हरियाणवी एकल नृत्य, महिला





मंच 2



- लाइट वोकल भजन, शबद

- लाइट वोकल गजल



- वेस्टर्न वोकल सोलो

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मंच 3

- क्विज फाइनल



- काव्य गोष्ठी
- डिबेट



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मंच 4



- पोस्टर मेकिंग

- कोलाज




मंच 5



- पीपीटी





18 नवंबर



मंच 1

- इंडियन आर्केस्ट्रा
- सामान्य लोकगीत


- एकांकी

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मंच 2

- इंडियन ग्रुप सॉन्ग


- हरियाणवी फोक सॉन्ग सोलो

- हरियाणवी फोक इंस्ट्रूमेंटल सोलो



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मंच 4



- रंगोली





19 नवंबर



मंच 1

- सामान्य समूह नृत्य



- हरियाणवी सामुहिक गायन
- पुरस्कार वितरण समारोह





मंच 2



- वेस्टर्न ग्रुप सॉन्ग
- वेस्टर्न इंस्ट्रूमेंटल सोलो
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