सिरसा। जिला स्वास्थ्य विभाग डेंगू और मलेरिया को लेकर अलर्ट हो गया है। लोगों को डेंगू और मलेरिया के प्रति जागरूक करने को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से काम शुरू कर दिया गया है। मलेरिया को फैलने से रोकने के लिए गांवों में बनाए गए तालाबों में गंबूजियां मछलियाें को छोड़ने काम शुरू कर दिया गया है। ये मछलियां तालाबों में मच्छरों के लारवा को खत्म करने का काम करती हैं। जिले के 500 के आसपास तालाबों में गंबूजिया मछलियां छोड़ने की योजना बनाई गई है। 52 टीमों को मैदान में उतारा गया है।
मलेरिया को लेकर बीते चार वर्षों का रिकॉर्ड
वर्ष, मरीज
2020, 8
2021, 8
2022, 7
2023, 7
2024, 10
जिले में स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की कमी
मलेरिया विभाग में कर्मचारियों की कमी है। जिले में 165 एमपीएचडब्ल्यू के पद हैं। इसमें से सिर्फ 56 कर्मचारी ही कार्यरत हैं। शेष पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। इसके चलते अन्य कर्मचारियों पर अधिक कार्यभार है। हालांकि विभाग की ओर से कुछ कामों में आशा वर्कर्स व एएनएम कर्मचारियों का भी सहयोग लिया जाता है।
ये हैं मलेरिया के लक्षण
. सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार
. सिरदर्द व उल्टियां
. बुखार उतरते समय ज्यादा पसीने आना
-
ये हैं बचाव के उपाय
-सप्ताह में एक दिन ड्राई-डे मनाएं। घर में पानी के बर्तनों, कूलर, फूलदान, हौदी को खाली करें तथा सुखाकर ही पानी भरें
-पानी के बर्तनों व टंकियों को पूरी तरह ढक कर रखें। छत पर पड़े मटके, टायर, बोतल तथा अन्य बर्तनों को हटा दें, ताकि बारिश का पानी जमा न हो सके
-अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें, गड्ढों में मिट्टी भर दें। यदि यह संभव न हो तो जमा पानी में काला तेल डाल दें
-घर से बाहर घूमने जाए तो पूरी बाजू के कपड़े पहनें
-सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें
मलेरिया को लेकर विभाग ने काम शुरू कर दिया है। अभी ग्रामीण एरिया के तालाबों में गंबुजियां मछलियां छोड़ने का कार्य जारी है। लोगों को मलेरिया के लारवा व लक्षण के बारे में जानकारी दी जा रही है।
-डाॅ. गौरव अरोड़ा, जिला मलेरिया अधिकारी, नागरिक अस्पताल सिरसा।