कालांवाली। गेंहू का सीजन शुरू होते ही मार्केट फीस चोरी का खेल शुरू हो गया है। व्यापारियों की ओर से मार्केट कमेटी अधिकारियों और खरीद एजेंसियों की सांठगांठ से निजी गोदामों में उतारा जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को भी शहर में एक फैक्टरी में मार्केट फीस और एचआरडीएफ चोरी करके कई क्विंटल गेहूं सीधा उतारा गया। इसकी सूचना मिलते ही मजदूर यूनियन के प्रधान मुकेश कुमार फैक्टरी में पहुंचे और मजदूरों के साथ हो रहे अन्याय की बात कहते हुए सीधे उतरे गेहूं की वीडियो बनाने लगे। फैक्टरी में मौजूद लोगों ने मुकेश कुमार का मोबाइल छीन लिया। जिसके बाद प्रधान मुकेश कुमार ने फैक्टरी संचालक पर मोबाइल छीनकर तोड़ने और जातिसूचक गालियां निकालने के आरोप लगाते हुए कालांवाली पुलिस को शिकायत दी।
फैक्टरी संचालक ने सभी आरोपों को झूठा व निराधार बताया। जिसके बाद मजदूर यूनियन के प्रधान मुकेश कुमार ने अपने मजदूर साथियों के साथ मार्केट कमेटी कार्यालय में पहुंचकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। मार्केट कमेटी के सचिव मेजर सिंह और सहायक सचिव हेत राम ने फैक्टरी में लगभग 1068 क्विंटल सीधी उतारी गई गेहूं पर 2 प्रतिशत मार्केट फीस व 2 प्रतिशत एचआरडीएफ फीस भरवाने के अलावा 25 प्रतिशत जुर्माना लगा दिया। जिसके बाद कुछ मौजिज व्यक्तियों ने मजदूरों को प्रधान मुकेश कुमार को नया मोबाइल लेकर देने और भविष्य में सीधा गेहूं ना उतारने की बात कहते हुए शिकायत वापस करवाकर मामला शांत करवा दिया।
मजदूर यूनियन ने ये लगाए आरोप
मजदूर यूनियन के प्रधान मुकेश कुमार, सुखदेव डाबला, चंद सिंह, सन्नी, प्रेम, अश्विनी, छिंदर व अन्य ने बताया कि हर बार की तरह व्यापारियों की ओर से मार्केट कमेटी अधिकारियों और खरीद एजेंसियों की सांठगांठ से निजी गोदामों में उतारा जा रहा है। इस दौरान व्यापारियों की ओर से बिना साफ-सफाई और बिना तुलाई किए गेहूं उतारा जा रहा है। जिससे मजदूरों को मजदूरी नहीं मिल रही और वे बेरोजगारी की मार झेलने को मजबूर है। उन्होंने बताया कि वे 6 माह फसल का इंतजार करते है। लेकिन फसल आने पर अधिकारी और व्यापारी उनके साथ अन्याय करते हैं। लेकिन इस बार वे मजदूरों के साथ हो रहे अन्याय को बर्दाश्त नहीं करेंगे और सीधा उतारने वाले गेहूं का खुलकर विरोध करेंगे। वहीं उन्होंने एक बार मौका देते हुए शिकायत वापस ले ली है।
ये बोले अधिकारी
कालांवाली थाना प्रभारी विक्रमजीत ने बताया कि उक्त मामले को लेकर शिकायत आई थी। लेकिन अब दोनों में समझौता होने के बाद शिकायत वापस ले ली गई है। मार्केट कमेटी सचिव मेजर सिंह व सहायक सचिव हेत राम ने बताया कि हमने मजदूरों से पहले ही टीम बनाकर औचक निरीक्षक करके कार्रवाई कर दी थी। मार्केट फीस चोरी करके सीधे उतारे गए 1068 क्विंटल गेहूं पर 43062 रुपये मार्केट फीस और 43062 रुपये एचआरडीएफ भरवाने के अलावा 10766-10766 रुपये जुर्माना लगाया गया है। मजदूरों और व्यापारियों के बीच समझौता करवाकर मामला शांत करवा दिया गया है। उन्होंने बताया कि मंडी में मार्केट फीस चोरी नहीं होने दी जाएगी। मार्केट फीस चोरी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
जानिये.... ऐसे होता है खेल
सरकार की ओर से गेहूं का न्यूनतम मूल्य 2015 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। लेकिन व्यापारियों की ओर से न्यूनतम मूल्य से 25 रुपये से लेकर 50 रुपये तक ज्यादा दाम दिया जा रहा है। इस प्रकार खरीद की गई गेहूं का कहीं भी रिकॉर्ड भी नहीं होता और गेहूं पर लगने वाली 2 प्रतिशत मार्केट फीस और 2 प्रतिशत एचआरडीएफ की सरेआम चोरी की जाती है। व्यापारी किसान से सौदा करने के बाद गेहूं को गोदाम में मंगवाते है और खुद के धर्मकांटे पर ट्रॉली का तोल करवा देते हैं। इसके बाद सफाई के लिए पंखा लगाने की भी समस्या नहीं है और प्रति क्विंटल के पीछे 1 किलोग्राम गेहूं की काट लगाकर गोदाम में ढेरी लगवा दी जाती है। इसमें किसान को सिर्फ डंपर उठाने की जरूरत पड़ती है और 5 मिनट में ट्रॉली खाली हो जाती है। किसान मंडी में खरीद के लिए लंबे समय तक इंतजार करना और समय की बचत को देखते हुए किसान भी यही विकल्प अपना रहे हैं। वहीं न्यूनतम समर्थन मूल्य अधिक दाम मिलने से भी किसान खुश होकर इन गोदामों में गेहूं डाल रहे हैं।