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प्रदेश में एक हजार जगहों पर वाटर रिचार्ज बोर लगवाएं जाएंगे

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किसानों ने 100 दिन से ज्यादा समय में तैयार होने वाली धान की कुछ किस्मों पर प्रतिबंध लगाने के सुझाव दिए हैं। सरकार इन सुझावों पर अमल करेगी और जल्द ही इस पर फैसला लेगी। ये बात सीएम मनोहर लाल ने मंगलवार को सिरसा में पंचायत भवन में पत्रकार वार्ता के दौरान कहे। सीएम ने मेरा पानी, मेरी विरासत योजना के तहत सिरसा खंड के किसानों से फीडबैक लेने के लिए आए थे। सीएम ने कहा कि प्रदेश के हिस्से का पानी लाने के लिए सरकार वचनबद्ध है। चाहे यमुना का पानी हांसी बुटाना नहर में हो या एसवाईएल का पानी हो। हरियाणा में 20 साल के बाद करीब 300 टेल पर उनकी सरकार ने पानी पहुंचाया है।
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मुख्यमंत्री ने कहा भूमिगत जल बड़ी तेजी से नीचे गिरता जा रहा है। जिन जगहों पर आज 40 मीटर की गहराई पर भूमिगत जल है, उन जगहों पर कुछ समय बाद यह 80 मीटर तक हो जाएगा। हम अपने बच्चों के लिए रेतीली जमीन देकर जाएंगे। प्रदेश में एक हजार जगहों पर वाटर रिचार्ज बोर लगाए जाएंगे। आठ खंडों में 42 हजार किसानों ने 55 हजार हेक्टेयर जमीन पर धान की फसल की बजाए दूसरी फसल बो रहे हैं। अभी धान की बुआई शेष है और प्रथम वर्ष में हमारा लक्ष्य एक लाख हेक्टेयर का है। सीएम ने कहा कि किसानों के साथ बातचीत में उन्होंने सुझाव दिए हैं कि धान की कुछ किस्में 100 से लेकर 120 दिन का समय पकने के लिए लेती है। जिससे कि पानी की खपत बहुत ज्यादा होती है। इसलिए इन किस्मों पर प्रतिबंध लगाया जाए। 90 दिनों में तैयार होने वाली किस्मों को तरजीह दी जाए। सीएम ने कहा कि सरकार किसानों के इन सुझावों पर अमल करेगी। सीएम ने कहा कि विपक्ष कभी सरकार के पक्ष में नहीं बोलता। उसका काम ही सरकार के कार्य में कमियां निकालना होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रिक्त विधानसभा सीट के लिए अभी संगठन ने कोई रणनीति नहीं बनाई। जब चुनाव आयोग चुनावों की घोषणा करेगा तो रणनीति भी बन जाएगी।
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