बीकेई प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि टोहाना हेड से 4500 क्यूसेक के बजाय 2000 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे सिरसा व फतेहाबाद क्षेत्र में सिंचाई के साथ-साथ पीने वाले पानी की भी दिक्कत आ सकती है। बीएमएल की रिपेयर के लिए अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। नहरी विभाग व पंजाब सरकार इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। हरियाणा के साथ-साथ इस नहर से पंजाब के मानसा क्षेत्र में भी सिंचाई बाधित हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार से अपील है कि बीएमएल नहर को ठीक करवाने के लिए हस्तक्षेप करे, ताकि किसानों को सिंचाई के लिए पूरा पानी मिल सके। हिसार जोन के ट्यूबवैलों की बिजली का शेड्यूल भी बदल दिया गया है। पहले एक बार में 8 घंटे बिजली की सप्लाई दी जाती थी, लेकिन उसको अब दो हिस्सों में दे रहे हैं, जोकि 6 घंटे एक बार और 2 घंटे बाद में जिससे किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है। बिजली की सप्लाई बढ़ाई जाए, जिससे किसानों को दोहरी मार से बचाया जा सके।