सिरसा। सेक्टर-20 स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर के 15 वें स्थापना दिवस समारोह पर आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण साप्ताहिक कथा के चौथे दिन वृंदावन से आए कथा व्यास ललित किशोर व्यास ने भगवान विष्णु के अवतारों का वृतांत सुनाया। उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु ने सृष्टि को प्रलय से बचाने के लिए मत्स्य अवतार लिया।
मत्स्य अवतार ने मनु को प्रलय से बचाया और वेदों की रक्षा की। यह अवतार जीवन के उद्भव और प्रकृति के संरक्षण का प्रतीक है। इसी प्रकार कूर्म अवतार में समुद्र मंथन के दौरान मंद्राचल पर्वत को सहारा देने के लिए। यह अवतार स्थिरता, धैर्य और संतुलन का प्रतीक है। भगवान विष्णु का वराह अवतार पृथ्वी को हिरण्याक्ष राक्षस से बचाने के लिए लिया गया।
यह अवतार पृथ्वी की रक्षा और शक्ति का प्रतीक है। इसी प्रकार नरसिंह अवतार से भगवान ने भक्त प्रह्लाद की रक्षा की। यह अवतार भक्ति, सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। भगवान विष्णु ने वामन अवतार के द्वारा राजा बलि के अहंकार को नियंत्रित करने और देवताओं को उनका स्थान वापस दिलाने के लिए लिया।
यह अवतार विनम्रता और बुद्धिमानी का प्रतीक है। इसी प्रकार भगवान ने राम अवतार में रावण का वध और मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में आदर्श जीवन का उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए लिया। उन्होंने बताया कि इन सबसे अधिक महत्व कृष्ण अवतार का है जिसमें भगवान विष्णु ने कंस, जरासंध जैसे दुष्टों का नाश और श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्मयोग, भक्तियोग और ज्ञानयोग का उपदेश देने के लिए लिया। यह अवतार प्रेम, ज्ञान और कर्म का प्रतीक है।
उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु के दशावतार सृष्टि के विकास, धर्म की रक्षा और मानवता को नैतिकता, कर्तव्य, और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाने का प्रतीक हैं। प्रत्येक अवतार समय और परिस्थिति के अनुसार धर्म की स्थापना और अधर्म के नाश के लिए प्रकट हुआ। ये अवतार मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे शक्ति, ज्ञान, भक्ति, और करुणा को दर्शाते हैं।
मुख्य यजमान ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष वीके गर्ग व कौशल्या देवी थी। उन्होंने विधि विधान से महापुराण की पूजा अर्चना की। इस अवसर पर ट्रस्ट के उप प्रधान भारत भूषण ऐलावादी, कोषाध्यक्ष दीपक गुप्ता, सचिव ऋषि शर्मा, सह सचिव मेघनाथ शर्मा, बलबीर सिंह बेनिवाल सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।