फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

विजिलेंस ने समाज कल्याण विभाग में रिकॉर्ड खंगाला, आरोपी ऑपरेटर को छह माह पूर्व ही मिल थी पदोन्नति

विज्ञापन
समाज कल्याण विभाग में कार्यरत कर्मचरियों को रिश्वत के आरोप में पकड़े गए दो आरोपियों के साथ सतकर्? - फोटो : Sirsa
विज्ञापन
सिरसा। समाज कल्याण विभाग के दो कर्मचारियों को रिश्वत लेते पकड़ने के बाद हिसार विजिलेंस ने कार्रवाई शुरू कर है। विजिलेंस टीम ने बुधवार को विभाग के कार्यालय में करीब एक घंटे तक रिकॉर्ड खंगाला। इसके अलावा टीम ने कार्यालय में कामकाज की स्थिति भी देखी। मामले में गिरफ्तार सहायक ऑपरेटर रवि मेहता की छह माह पूर्व ही पदोन्नति हुई थी। दूसरी ओर दोनों आरोपी कर्मचारियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन

विजिलेंस की टीम ने रिश्वत लेते पकड़े गए दोनों कर्मचारियों दलीप बिश्नोई और रवि मेहता से दूसरे दिन भी पूछताछ की। समाज कल्याण विभाग के रवि मेहता व दलीप बिश्नोई को मंगलवार को विजिलेंस टीम ने एक हजार रुपये की रिश्वत लेते दबोचा था। रवि मेहता के पास से रिश्वत की राशि बरामद हुई थी। सुखचैन निवासी हरमिंद्र की शिकायत पर हिसार विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई की। शिकायतकर्ता हरमिंद्र ने बताया कि वह पेंशन शुरू कराने के लिए लंबे समय से विभाग के चक्कर काट रहा था। इस दौरान उनका संपर्क क्लर्क दलीप व विभाग के सहायक ऑपरेटर रवि के साथ हुआ।
पेंशन शुरू कराने की एवज में दोनों कर्मचारियों ने उससे एक-एक हजार रुपये की रिश्वत मांगी। उसने आरोपी क्लर्क को एक हजार रुपये रिश्वत के रूप में दे दिए। इसके बाद रवि मेहता ने एक हजार रुपये देने की मांग की। रिश्वत मांगने की शिकायत हिसार विजिलेंस टीम को दी गई। मंगलवार शाम बाल भवन स्थित नई बनी दुकानों में रिश्वत के रुपये लेने के लिए आरोपियों ने शिकायतकर्ता को बुलाया। पीड़ित ने सहायक ऑपरेटर रवि मेहता को जैसे ही रिश्वत के एक हजार रुपये सौंपे, तो विजिलेंस की टीम ने उसे रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार दोनों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सहायक ऑपरेटर रवि मेहता की छह माह पूर्व ही पदोन्नति हुई थी। नियम है कि यदि कोई कर्मचारी अधिकारी किसी मामले में गिरफ्तार होता है तो उसे निलंबित किया जाता है। ऐसे में दोनों कर्मचारियों के निलंबन आदेश कभी भी हो सकते हैं।
विज्ञापन

ऑनलाइन भेजे थे हजार रुपये: शिकायतकर्ता
शिकायर्ता हरमिंद्र सिंह ने बताया कि वह करीब तीन माह से विभाग के चक्कर लगा रहा था। उसने एक हजार रुपये दलीप बिश्नोई के कहने पर उसके दिए नंबर पर ऑनलाइन भिजवाए थे। इसके बाद भी उससे रिश्वत की मांग की गई।
अब समाज कल्याण विभाग भी शुरू करेगा मामले की जांच
मामला सामने आने के बाद समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया है। दोनों कर्मचारियों की अब विभागीय स्तर पर भी जांच की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस संबंध में अधिकारियों ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। बुधवार को विजिलेंस टीम ने कार्यालय में पहुंचकर जांच की। इस दौरान टीम ने गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों के पास पड़ी फाइलों की भी जांच की। विभागीय सूत्रों के अनुसार रिश्वत मांगने के मामले में उनके पास कोई शिकायत नहीं आई थी। दोनों कर्मचारी कार्यालय से बाहर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार हुए हैं, जिसके चलते गिरफ्तार हुए कर्मचारियों की ओर से अभी तक हुए कार्यों की विभाग की ओर से जांच करवाई जा रही है।
कार्यालय में कम दिखी भीड़
रिश्वत कांड के बाद बुधवार को विजिलेंस टीम आने के कारण विभाग कार्यालय स्टाफ सकते में नजर आया। सभी कर्मचारियों ने रूटीन कार्य किया। सामान्य दिनों में यहां एक समय में 50 से लेकर 80 लोग तक नजर आते हैँ। हालांकि बुधवार को सामान्य से कम भीड़ नजर आई। जो आवेदक आए, उनके काम किए जा रहे थे। कुछ कर्मचारी काम कर रहे थे, जबकि कुछ कर्मचारियों की कुर्सियां खाली नजर आई।
रिश्वत लेते गिरफ्तार किए गए समाज कल्याण विभाग के दोनों कर्मचारियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए गए। - रमेश कुमार, निरीक्षक, विजिलेंस टीम हिसार।
पेंशन शुरू करवाने के लिए लोग यहां पहुंचते हैं, जिस व्यक्ति ने रिश्वत मांगने की शिकायत विजिलेंस विभाग को दी है उसने हमें कोई सूचना नहीं दी। रिश्वत के मामले में पकड़े गए दोनों कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट विभाग के मुख्यालय भेज दी गई है। अब विभाग के निर्देश अनुसार काम करेंगे। - नरेश बतरा, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सिरसा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें