किसानों का आरोप- बिना उचित मुआवजे के जबरन बिछाई जा रही बिजली लाइन
मांगें नहीं मानी तो होगा अनिश्चितकालीन आंदोलन
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव वैदवाला में बिजली टॉवर लगाने के विरोध में किसान और ग्रामीण बुधवार को लघु सचिवालय के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ गए। इस प्रदर्शन का नेतृत्व खेत मालिक भूपेंद्र सिंह ने किया। विभिन्न किसान संगठनों ने भी इस आंदोलन को समर्थन दिया है।
प्रदर्शनकारी किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन बिना उचित मुआवजा दिए बिजली लाइन बिछाने का कार्य करा रहा है। किसानों का कहना है कि उनकी जमीन का उचित मूल्यांकन और मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। किसान नेता भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है।
भूपेंद्र सिंह ने बताया कि हांडीखेड़ा, कासनखेड़ा और फरवाई गांवों को कलेक्टर रेट का पांच गुना मुआवजा मिला है। जबकि वैदवाला के किसानों को चार गुना मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है। किसानों ने जमीन का दोबारा मूल्यांकन कर चार से पांच गुना उचित मुआवजे की मांग की है।
उन्होंने कहा कि मांगों का समाधान किए बिना टॉवर लगाने की प्रक्रिया स्वीकार नहीं की जाएगी। किसानों ने प्रशासन से निष्पक्ष निर्णय लेने और उनके हितों की रक्षा करने की मांग की।
किसान नेता को हिरासत में लेने का आरोप
किसान नेता भूपेंद्र सिंह ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मंगलवार सुबह पुलिस ने उन्हें कई घंटे तक थाने में हिरासत में रखा। इस दौरान बिजली निगम की टीम ने खेतों में लाइन खींचने का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया। भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि किसानों की आपत्ति के बावजूद प्रशासन जल्दबाजी में काम करा रहा है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसान नेताओं जसवीर भाटी, जगविंदर सिंह माखा और मैक्स साहुवाला ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को उनकी जमीन पर जाने से रोक रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि समझौते का उल्लंघन कर जबरन तार खींचे जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो किसान बिजली के खींचे गए तारों को उखाड़ने पर मजबूर होंगे। भूपेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उनकी गाड़ी से किसान संगठन का झंडा हटा दिया गया।