डबवाली। पुलिस अधीक्षक निकिता खट्टर आईपीएस ने बयान जारी करते हुए कहा कि डिजिटल क्रांति के इस युग में हमारा ज्यादातर काम ऑनलाइन हो गया है या फिर हम अपने मनोरंजन के लिए इंटरनेट यूज करते रहते है। शॉपिंग से लेकर बिल भरने तक बैंक से जुड़े भी कई काम करने में हम ऑनलाइन मोबाइल लैपटाॅप या अन्य डिवाइस का प्रयोग करते हैं।
कई बार जालसाज आपके इन उपकरणों को विभिन्न तरीकों से हैक करके आपका डाटा चुरा कर साइबर अपराधों को अंजाम देते हैं। आजकल सक्रिय साइबर अपराधी साइबर अपराध करने के नए नए तरीके अपना रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों से ठगी के लिए सार्वजनिक स्थानों पर वाईफाई को हथियार बना रहे हैं।
पुलिस की ओर से समय समय पर साइबर अपराध से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की जाती है, ताकि आमजन सतर्क व सचेत रहकर अपने पैसे की सुरक्षा कर सके। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कई बार हम बाहर होते हैं तो हमारे मोबाइल लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ फ्री वाईफाई का इस्तेमाल करते हैं, जो साइबर ठग अपने मोबाइल फोन को हमारे वाईफाई के माध्यम से अकाउंट में सेंध लगा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि ये साइबर ठग भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाकर फ्री वाईफाई उपलब्ध करवाते हैं और उपयोगकर्ता की ओर से एक्सेस करते ही उस व्यक्ति का सारा डाटा हैक कर लेते हैं और इस प्रकार उसका सारा अकाउंट खाली कर देते हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे अपराधों से बचने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर वाईफाई इस्तेमाल करते समय ध्यान रखें कि किसी अंजान डिवाइस से अपना वाईफाई कनेक्ट न करें।
साथ ही फ्री वाईफाई के लालच में आकर अपनी गोपनीय जानकारी साझा न होने दें। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अगर सावधानी या सतर्कता रखने के बावजूद भी आपके साथ किसी प्रकार का साइबर फ्रॉड हो जाता है तो घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत साइबर धोखाधड़ी होने पर शिकायत साइबर हेल्प डेस्क नंबर 1930, अपने बैंक तथा नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें और साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत रजिस्टर्ड कराएं।