लघु सचिवालय सिरसा के गेट पर सरकार का पुतला फूंकते किसान।
सिरसा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पंजाब-हरियाणा की खनौरी सीमा पर शुक्रवार को विभिन्न संगठनों ने काला दिवस मनाया। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार का पुतला फूंका गया। लक्खा सिंह अलीकां, सुखदेव सिंह जम्मू, कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क, रघुवीर सिंह, बाबा गुरदीप सिंह, हमजिंद्र सिंह, भरत सिंह झाझड़ा ने कहा कि शंभू बॉर्डर पर युवा किसान की हत्या मामले की सुप्रीम कोर्ट से उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की गई। साथ ही मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की गई।
किसान नेताओं ने कहा कि 26 फरवरी को विरोध दिवस मनाया जाएगा और राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बिना यातायात बाधित किए ट्रैक्टर मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा एसकेएम की ओर से अपने मुख्य मुद्दों को बुलंद करने के लिए 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में किसान मजदूर महापंचायत आयोजित होगी।
गांव देसुजोधा पहुंची टीम चढ़ूनी, आंदोलन की बनाई रणनीति
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी की टीम गांवों में संपर्क करते हुए गांव देसूजोधा में पहुंची। टीम सदस्यों ने किसानों के साथ मिलकर आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की। किसानों ने आंदोलन में पूर्ण तौर पर सहयोग देने का आश्वासन दिया। जगविंद्र सिंह माखा ने कहा कि सरकार किसानों की बात सुनने के बजाय उन्हें आंदोलन के लिए उकसा रही है, जबकि वे शांतिपूर्वक अपनी आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक तरफ सरकार किसान हितैषी होने की बात करती है और दूसरी तरफ उनके रास्तों में इतने कांटे बिछा दिए हैं, जैसे वे कोई आतंकवादी हो। इस मौके पर जगविंदर सिंह माखा प्रदेश युवा उप प्रधान, भूपिंदर सिंह वेदवाला जिला प्रधान, मनजीत सिंह ओढ़ां हलका प्रधान,, हरचरण सिंह ब्लाक उप प्रधान, शिवचरण सिंह सरपंच, अनमोल सिंह, साहिब सिंह, कुलदीप सिंह, जगदेव सिंह, जीता सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
डबवाली में भी किसानों ने पुतला फूंक कर किया प्रदर्शन
डबवाली में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर तहसील मुख्यालय के सामने केंद्र और प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया गया। वहीं किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तहसील मुख्यालय के प्रवेश द्वार पर डीएसपी डबवाली राजेंद्र कुमार, शहर थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार दल-बल के साथ मौजूद थे। किसान नेता जसवीर सिंह भाटी, राकेश फगोड़िया व मजदूर नेता सोहन लाल भारूखेड़ा की अगुवाई में एकत्रित किसानों ने तहसील मुख्यालय के सामने पुतले फूंककर रोष प्रकट किया। उधर, बठिंडा रोड पर पंजाब की ओर से भाकियू (डकौंदा) धनेर के नेतृत्व में सांकेतिक धरने पर बैठे किसानों ने काली पट्टी बांधकर अपना रोष व्यक्त किया।