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मनुष्य जन्म का उद्देश्य समझो, सिमरण से ही जीवन सफल होता है : संत बिरेंद्र सिंह

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सिरसा में  पंचायत भवन परिसर में धरने पर बैठे विधायक गोकुल सेतिया। 
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सिरसा। रानियां स्थित सेंट सोल्जर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बुधवार को डेरा जगमालवाली के संत बिरेंद्र सिंह ने सत्संग किया। संत ने कहा कि हमें इस बात पर विचार करना चाहिए कि हम इस दुनिया में किस उद्देश्य से आए हैं और क्या हम वही कार्य कर रहे हैं, जिसके लिए हमें यह मानव जन्म मिला है।
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इस दौरान संत ने कहा कि यह मनुष्य जन्म 84 लाख योनियों के बाद बड़ी मुश्किल से प्राप्त होता है। मालिक ने हमें यह अवसर दिया है कि हम जन्म-मरण के बंधन से मुक्त हो सकें, लेकिन हम यहां आकर अपना असली काम भूल गए हैं। हमें सिमरण करना था, सतगुरु को याद रखना था, परंतु हम सब दुनियावी कार्यों में उलझ गए हैं।
संसार के कार्य भी जरूरी हैं, पर सतगुरु का ध्यान और सिमरण करना भी उतना ही आवश्यक है। जैसे माता-पिता बच्चों को पैसे देकर सामान लाने भेजते हैं और वापसी पर हिसाब लेते हैं, उसी तरह मालिक की दरगाह में भी हर इंसान से उसके कर्मों का हिसाब लिया जाएगा। संत ने कहा कि इस दुनिया में गरीब और कंगाल को कोई नहीं पूछता, उसी तरह मालिक की दरगाह में बिना राम नाम की पूंजी वाले को कोई नहीं पूछेगा।
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उन्होंने कहा कि हम सब दुख में तो सतगुरु को याद करते हैं, लेकिन सुख में उसे भूल जाते हैं। अगर हम सुख के समय भी मालिक को याद रखें, तो जीवन में दुख आएंगे ही नहीं। यह सांसें ही हमारी असली पूंजी हैं, और इन्हें व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए। हर इंसान को अपने जीवन में सतगुरु का ध्यान करना चाहिए, वरना समय निकल जाने पर पछताना पड़ता है।
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