सिरसा। नाबालिग भतीजी के साथ दुष्कर्म करने वाले चाचा को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी करार देते हुए 20 साल कैद एक लाख 11 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार द्वारा सजा का फैसला सुनाए जाने से पहले दोषी चाचा ने सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाते हुए कहा कि मेरे पिता की मौत हो चुकी है और मां बीमार रहती है। घर में केवल छोटा भाई है। कमाने वाला और बीमार की देखभाल करने मैं ही हूं, इसलिए सजा में नरमी बरती जाए।
रहम की गुहार के जवाब में पब्लिक प्रोसिक्यूटर शर्मिष्ठा देवी ने न्यायाधीश से कहा कि दोषी ने जघन्य अपराध किया है, इसलिए ये किसी भी प्रकार से नरमी का हकदार नहीं। दोषी को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए जज साहब ताकि समाज में एक कड़ा संदेश जाए। इसके बाद न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने दोषी से पूछा कि तुमने ये घोर अपराध किया ही क्यों? भतीजी बेटी के समान होती है। तुमने पवित्र रिश्ते को कलंकित और विश्वासघात किया है। इसके लिए कठोर दंड दिया जाएगा। ताकि सभ्य समाज में कोई भी इस प्रकार का जघन्य अपराध करने की सोच भी न सके। इसके बाद कटघरे में खड़ा दोषी अपना सिर झुकाकर रोने लगा। संवाद
दादी के पास छोटे भाई के साथ रहती थी पीड़िता
इस मामले में महिला थाना सिरसा पुलिस ने फरवरी 2020 में एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस को दिए बयान में 16 वर्षीय नाबालिग ने बताया था कि वह कक्षा पांचवी तक पढ़ी है। उसके मां-बाप राजस्थान में रहते हैं और वह अपने छोटे भाई के साथ दादी के पास रहती है। पीड़िता ने बताया कि उसका चाचा अविवाहित है। 21 फरवरी 2020 को महाशिवरात्रि के दिन दोपहर को वह घर पर अकेली थी। करीब 3 बजे उसका चाचा शराब पीकर घर आया और जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता का कहना है कि उसका चाचा पहले भी 4 बार उसके साथ दुष्कर्म कर चुका था। पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि शिवरात्रि को जब उसका चाचा उसके साथ दुष्कर्म करने लगा तो उसने शोर मचाना चाहा, लेकिन चाचा ने उसके मुंह पर अपना हाथ रख दिया और धमकी दी कि अगर किसी को इस बारे में बताया तो तेरे भाई को जान से मार दूंगा। इसके बाद चाचा ने उसके साथ मारपीट भी की।
दादी के लौटने पर बताई आपबीती
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि चाचा के जाने के बाद दादी घर आई तो उसे सारी आपबीती बता दी। इसके बाद दादी उसे पुलिस थाना ले आई। महिला थाना पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज करके आरोपी चाचा के खिलाफ पोक्सो एक्ट की धारा 6, आईपीसी की धारा 323 व 506 के तहत केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुना दी।