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नाबालिग चालक के हाथोें हुआ हादसा तो मां-बाप पर होगी कार्रवाई

Thu, 18 May 2017 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिरसा
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chalan - फोटो : Bureau
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नाबालिग वाहन चालकों की ट्रैफिक नियमों के प्रति बेरुखी को देखते हुए सिरसा ट्रैफिक पुलिस ने नाबालिग चालकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ट्रैफिक पुलिस ने ऑपरेशन की सफलता के लिए फैसला लिया है कि अगर नाबालिग के वाहन चालक से कोई दुर्घटना या हादसा होता है तो पुलिस नाबालिग के मां-बाप के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
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इस स्पेशल ऑपरेशन के तहत ट्रैफिक पुलिस ने बुधवार सुबह और दोपहर को शहर के स्कूलों बाहर मोर्चा खोल दिया। जो भी नाबालिग चालक सड़क पर दिखा पुलिस सीधा उसका चालान काटा और मौके पर परिजनों को बुलाकर उनके हाथों में थमा दिया।
शाम तक पुलिस ने करीब 50 नाबालिग चालकों के चालान काटे और दस बाइक सीज कर दी। ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज अनिल सोढ़ी ने सुबह सात बजे से ही ट्रैफिक पुलिस कर्मचारियों की ड्यूटी शहर के विभिन्न स्कूलों के बाहर लगा थी। यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले नाबालिग छात्रों के परिजनों को मौके पर बुलाया गया।
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इनके अभिभावकों को बताया गया कि नाबालिग बच्चों को बाइक न दें। साथ ही उन्हें चेतावनी दी गई कि नाबालिग के हाथों हादसा हुआ तो सीधा माता-पिता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहले दिन शहर के बडे़ स्कूलों में शुमार महाराजा अग्रसेन व सेंट जेवियर स्कूल के नाबालिग चालकोें का चालान काटे गए। वीरवार को बरनाला रोड स्थित सभी स्कूलों के बाहर ट्रैफिक पुलिस मोर्चा संभालेगी। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि इस ऑपरेशन से हादसों में भी कमी आएगी और ट्रैफिक भी कम होगा। इस अभियान के तहत छात्रों को जागरूक भी किया जा रहा है, ताकि सड़क का सफर सुरक्षित बनाया जा सके।

नाबालिग चालकोें की भरमार
शहर में ही नाबालिग वाहन चालकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बच्चे देखा-देखी वाहन लेकर सड़क पर आते है। इन स्कूली बच्चों द्वारा शहर की सड़कों और बाजारों में तेज रफ्तार से वाहन चलाए जाते है। बच्चे तंग गलियां और भीड़ वाले बाजारों की भी परवाह किए बगैर तेज रफ्तार से वाहन चलाते है। ट्रैफिक नियमों के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे वाहन नहीं चला सकते। ट्रैफिक पुलिस की ढिलाई की वजह से ही नाबालिग बच्चे स्कूलों में भी वाहन लाने लगे। इस वजह से हादसों की आशंका बनी रहती है। बच्चे अपना जीवन तो खतरे में डालते ही है, दूसरों के जीवन से भी खिलवाड़ करते है।

तीन साल कैद का प्रावधान
ट्रैफिक पुलिस का ये ऑपरेशन नाबालिगों के भले और यातायात नियमोें के लिए अहम है। माता पिता अपने बच्चों को कच्ची उम्र में ही वाहन दे देते हैं जिससे अकसर हादसे हो जाते हैं, इस पर लगाम लगनी जरूरी है। इसके साथ ही माता-पिता को भी यह सीख दी जा सके की छोटी उम्र के बच्चों को वाहन देना कितना खतरनाक हो सकता है। इसलिए फैसला लिया गया है कि नाबालिग वाहन चलाते हुए कोई भी हादसा करता है तो उसकी कार्रवाई उनके मां-बाप पर की जाएगी। जिसमें कम से कम तीन महीने की सजा का प्रावधान है। ऑपरेशन लगातार चलेगा।
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-अनिल सोढ़ी, इंचार्ज ट्रैफिक पुलिस, सिरसा।
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