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गुड़िया खेड़ा में नशे को रोकने के लिए मैं हूं मेरे गांव का पहरेदार मुहिम की शुरूआत

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गुड़िया खेड़ा में नशे को रोकने के लिए मुहिम के दौरान थाना प्रभारी व ग्रामवासी। - फोटो : Sirsa
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चोपटा। देश का युवा जहां एक तरफ नशे का शिकार हो रहा है, वहीं दूसरी ओर लोगों को नशे से सावधान रहने की प्रेरणा देने वाले भी कम नहीं हैं। गांव मे नशे के बढ़ रहे ग्राफ को लेकर गुड़ियाखेड़ा में ग्राम पंचायत, युवा क्लब व ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। बैठक के दौरान मैं हूं मेरे गांव का पहरेदार मुहिम की शुरूआत की गई। इस बैठक मे युवाओं का पूर्ण सहयोग देने के लिए चोपटा थाना प्रभारी सत्यवान ने भी शिरकत की।
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सुभाष चौधरी ने बताया की बैठक में नशा रोकने के लिए कमेटी का गठन किया गया है। गांव में कोई भी नशे की तस्करी करता है या फिर कोई नशे का सेवन करता है तो गांव की पंचायत द्वारा प्रस्ताव पारित कर आरोपी का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। गांव के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि भरत सिंह बिरड़ा ने कहा कि गांव में करीब दर्जन से ज्यादा नौजवान नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं। गांव मे नशे को रोकना बहुत जरूरी है। अगर कोई नशे का कारोबार करने या नशा करने वाला कोई व्यक्ति पकड़ा गया तो गांव का कोई भी व्यक्ति पुलिस से उसकी न ही तो जमानत करवाएगा और न ही उसके पक्ष में थाने में जाएगा।
निगरानी के लिए कमेटी तैयार
ग्रामीणों ने मुहिम के तहत गांव में कमेटी तैयार की है। अब कमेटी गांव में नशा रोकने के लिए पहरा लगाएगी। नशा बेचने वालों की मुखबिरी करके पुलिस को सूचना दी जाएगी। कमेटी ने पुलिस को गांव में नशा बेचने वालों की सूची भी सौंपी है। पुलिस के साथ एक सांझा व्हाट्स एप ग्रुप भी बनाया है। इस मुहिम में पूर्व सरपंच प्रतिनिधि भरत सिंह बिरड़ा, पंचायत समिति सदस्य जगदीप गोदारा, सर्वेयर सुभाष हुड्डा, बंसीलाल छाबड़ा, रमेश जांगड़ा, अजयंत गोदारा, सुभाष चौधरी, संतलाल बिरड़ा, जयवीर शीलू, सुभाष बिरड़ा सहित अनेक प्रमुख व्यक्तियों ने नशे के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए मुहिम में साथ देने का आश्वासन दिया।
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