रोड़ी(सिरसा)। गांव मत्तड़ के पास घग्गर का तटबंध टूटने का खतरा बना हुआ है। तटबंध को मजबूत करने के लिए यहां पर तीन पोकलेन मशीनें, 20 ट्रैक्टर व 150 से अधिक लोग मिट्टी लगाने में लगे हुए हैं। इसके बाद भी यहां पर स्थिति खराब होते हुए नजर आ रही है।
तटबंध को मजबूत करने व गांवों को बचाने के लिए लगातार आसपास के करीब पांच गांव के ग्रामीण लगे हुए हैं। यहां पर रात के समय भी लोग पहरा दे रहे हैं। ताकि किसी भी क्षेत्र से पानी का रिसाव न हो सके। वहीं पंजाब, हरियाणा, राजस्थान से लोग लंगर लेकर पहुंचते रहे। इसी बीच हरियाणा शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान महंत करमजीत सिंह व बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला भी लंगर की सेवा लेकर पहुंचे। बाबा बलजीत सिंह दादूवाल भी संगत के साथ लंगर की सेवा लेकर पहुंचे और संगत सहित तटबंध को मजबूत करने में जुट गए। वहीं डेरा की ग्रीन वेलफेयर विंग फोर्स के सदस्य भी मत्तड़ में सहयोग करने पहुंचे।
बग्गुवाली के साथ लगते गांव करनौली में पहुंचा फतेहाबाद का पानी
फतेहाबाद में बाढ़ आने के बाद अब घग्गर का पानी सिरसा की तरफ तेजी से आ रहा है। सिरसा की सीमा से सटे फतेहाबाद के करनौली गांव में अब घग्गर का पानी पहुंच चुका है। जबकि इसके दूसरी तरफ सिरसा का गांव बग्गुवाली लगता है। जिसमें सुबह तक पानी पहुंचने का डर बना हुआ है। प्रशासन अधिकारी भी लगातार इस तरह के गांवों में निगाह टिकाए हुए हैं। अगर फतेहाबाद का पानी सिरसा में प्रवेश करता है तो 12 गांवों में बाढ़ के हालात बन जाएंगे। वहीं रंगोई नाले की स्थिति भी लगातार खराब होती जा रही है।