सिरसा। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अनाज मंडी की शिक्षिका सीमा कुमारी के चाइल्ड केअर लीव (सीसीएल) आवेदन रद्द करने व दुर्व्यवहार के मामले में तीन को दोषी करार पाए गए हैं। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने तीनों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर शिक्षा निदेशालय के उच्च अधिकारियों से सिफारिश की है।
बता दें कि राजकीय मॉडल स्कूल की महिला शिक्षिका सीमा कुमारी ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के डिलिंग लिपिक नरेंद्र कुमार सहायक अधीक्षक, तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी व तत्कालीन जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ उपायुक्त को शिकायत दी गई थी। जिसमें महिला ने तीनों अधिकारियों द्वारा उसके साथ दुर्व्यवहार व धमकी देने के आरोप लगाए थे। महिला शिक्षिका की शिकायत की जांच के लिए उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने जिला नगर आयुक्त, उपायुक्त कार्यालय के उप अधीक्षक व खंड शिक्षा अधिकारी ओढां की संयुक्त कमेटी का गठन किया गया था। जांच कमेटी की रिपोर्ट में कर्मचारी नरेंद्र कुमार, तत्कालीन डीईओ व डीईईओ को दोषी पाया गया है। तीनों के दोषी पाए जाने पर उपायुक्त ने शिक्षा निदेशालय को संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की है। भविष्य में शिकायतकर्ता के खिलाफ कोई भी जांच उपायुक्त की अनुमति के बिना शुरू न की जाए।
यह है पूरा मामला
बता दें कि पिछले साल महिला शिक्षिका ने पारिवारिक कारणों के चलते सीसीएल के लिए आवेदन किया था। शिकायतकर्ता का सीसीएल आवेदन वापस भेज दिया गया था। बाद में शिक्षिका ने कारण पूछा तो अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया और दुर्व्यवहार किया। मामले में शिक्षिका की शिकायत पर उपायुक्त ने कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने कहा कि इस बारे में तीनों कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। बिना कोई कारण दर्ज किए मनमानी कार्रवाई की गई। जिसमें मुख्य तौर पर डिलिंग नरेंद्र कुमार, लिपिक, सहायक अधीक्षक, तत्कालीन डीईओ - डीईईओ लापरवाही के लिए जिम्मेदार हैं। महिला अध्यापिकाओं के साथ इस प्रकार का बर्ताव शैक्षणिक वातावरण के हित में नहीं है।