सिरसा। नेशनल हाईवे नंबर 9 जिले के मध्य से गुजरता है। कोहरे में एनएच 9 पर हाईवे क्रॉस करने के लिए छोड़े गए चौराहे व कट हादसों का केंद्र बने हुए हैं। हाईवे बनने के साथ ही इन क्रॉसिंग पर कोई दिशा सूचक यंत्र या लाइट की व्यवस्था नहीं है।
हर साल 100 लोगों की इनके कारण मौत होती है और इतने ही लोग घायल होते हैं। कई परिवारों के चिराग बुझ जाते हैं। एनएचएआई जैसी बड़ी एजेंसियां इनको लेकर कोई कार्रवाई नहीं करती है तो जिला प्रशासन भी इनको गंभीरता से नहीं लेता है।
सिरसा में सबसे खतरनाक चौक है नेजाड़ेला मोड़ : जिले में सबसे ज्यादा हादसे इसी चौक पर होते हैं। दुपहिया वाहनों से लेकर बड़े वाहन कई बार आपस में टकरा चुके हैं। शहर और गांव दोनों ओर से आने वाले लोगों को हाईवे क्रॉस करना पड़ता है। रात के अंधेरे में आने वाले छोटे वाहनों को बड़े वाहन नहीं देख पाते हैं। इतना ही नहीं, 30 प्रतिशत हादसे दिन के समय होते हैं। हाईवे पर तेज रफ्तार गाड़ियां गुजरती है और उनकी चपेट में अन्य वाहन आ जाते हैं।
भारत माला फोरलेन : डबवाली के लोगों के लिए भारत माला फोरलेन हादसों का केंद्र बना हुआ है। तेज गति से आने वाले वाहन सबसे ज्यादा टकराते हैं। इसके अलावा इस हाईवे पर वाहन चालक अपने वाहन खड़े कर देते हैं या सिंगल रोड से चढ़ते हैं तो ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं किया जाता है। इस कारण बड़े स्तर पर हादसे होते हैं। धुंध के समय यह फोरलेन बेहद खतरनाक हो जाता है। शनिवार को ही धुंध में दो ट्रक आपस में टकरा गए थे और दो से तीन लोग घायल हो गए थे।
ये भी हैं खतरनाक मोड़
- एनएच 9 पर आने पुल के साथ डबवाली हिसार रोड पर बना कट।
- एनएच 9 पर गांव झोपड़ा को हाईवे क्रॉस कर जाने वाला रोड।
- एचएच 9 पर पंजुआना नहर से 10 मीटर की दूरी पर बना चौक।
यह होनी चाहिए व्यवस्था
- नेजाडेला चौक पर हाई मास्ट लाइट होनी चाहिए। हाईवे क्रॉस करने वाले वाहन चालकों को चौक का अंदाजा हो।
- दिशा सूचक सिंबल लगे होने चाहिए।
- जेबराक्रॉसिंग होनी चाहिए।
- रिफ्लेक्टर लगाए होने चाहिए।
इमरजेंसी नंबर बोर्ड तक नहीं है
नेशनल हाईवे पर नियम है कि कहीं भी खतरनाक चौक या मोड़ होंगे तो वहां पर आपातकालीन नंबर लगाए जाएंगे। लेकिन हादसों के संभावित केंद्रों पर ऐसा कुछ नहीं है। नियमानुसार ऐसा होना चाहिए।
रोड सेफ्टी की बैठक में हमने इन मुद्दों को उठाया है। हाईवे पर बने इन कटों पर दिशा सूचक संकेतक नहीं है, जो होना बेहद जरूरी है। यदि ऐसा नहीं है तो पत्राचार किया जाएगा।
-शमशेर सिंह, यातायात प्रभारी।