सिरसा। शहर में शुद्ध पेयजल सप्लाई का दावा करते हुए 15 से 16 आरओ प्लांट सक्रिय हैं। प्रतिदिन दुकानों, घरों और सरकारी कार्यालयों में ये आरओ फिल्टर आधारित पानी सप्लाई करते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इनमें एनओसी किसी भी प्लांट के पास नहीं हैं।
इतना ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा भी इनके पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं की जाती हैं। नगर परिषद के दायरे में बने इन आरओ प्लांट में भूमिगत पानी का प्रयोग बड़े स्तर पर किया जाता हैं। इस पानी की गुणवत्ता व टीडीएस की जांच सरकारी तौर पर नहीं की जाती हैं। हालांकि प्लांट मालिकों के दावे है कि वे नियमित रूप से पानी की जांच करते है, ताकि पानी की गुणवत्ता बनी रहे।
अधिकारियों के अनुसार नगर परिषद की ओर से आरओ प्लांट को लेकर कोई सर्वे नहीं किया गया है। न ही कोई संकलित रिकॉर्ड तैयार किया गया है। आज तक इस दिशा में कोई काम नहीं हुआ है। हालांकि प्रॉपर्टी टैक्स आईडी के तहत जरूर रिकॉर्ड टैक्स ब्रांच के पास कॉमर्शियल व इंडस्ट्री श्रेणी में होता है। विशेष रूप से कोई कार्रवाई इस दिशा में नहीं हुई है। यही कारण है कि आरओ प्लांट बड़े स्तर पर चल रहे हैं।
आरओ प्लांट में क्या होती है व्यवस्था
आरओ प्लांट चलाने वाले एक संचालक ने बताया कि आरओ प्लांट में भूमिगत पानी का प्रयोग किया जाता है। इसको लेकर ढाई लाख से तीन लाख रुपये की कीमत से आरओ सिस्टम लगता है। इसके अलावा पानी को ठंडा करने के लिए सिस्टम लगाया जाता है। इसके अलावा किसी प्रकार कोई केमिकल इसमें नहीं डाला जाता है। लोगों ने भ्रांतियां फैलाई हुई है कि यूरिया व अन्य हानिकारक केमिकल डाले जाते हैं। जबकि ऐसा कुछ नहीं है, यह मशीनरी प्रक्रिया होती है और एक प्लांट पर 12 से 15 लाख रुपये तक का खर्च आता हैं। हालांकि पूर्व में नगर परिषद से लाइसेंस लिए गए थे। मौजूद समय में कोई व्यवस्था नहीं है।
इन जगहों पर बड़े स्तर पर होती है सप्लाई
- शहर के सभी बाजारों में
- सरकारी कार्यालयों में
- सामाजिक संस्थाओं
- निजी कार्यालयों
- शादी व अन्य आयोजनों में
- धार्मिंक संस्थाओं आदि में।
यह नियम
- नियमानुसार प्लांट लगाने से पहले भूमिगत पानी प्रयोग के लिए डीसी से अनुमति लेनी होती है।
- प्लांट के लिए रजिस्ट्रेशन करवाना होता है।
- नगर परिषद से एनओसी लेनी होती है।
- जीएसटी व लेबर विभाग में रजिस्ट्रेशन करवाना होगा।
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हमारे पास किसी तरह का कोई संकलित रिकॉर्ड नहीं है। आरओ प्लांट को लेकर कोई अनुमति लेने के लिए नहीं आया है। रिहायशी एरिया में प्लांट को लेकर कोई शिकायत भी नहीं आई है।
-प्रवेश कौशिक, एमई, नगर परिषद