संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नवविवाहिता पर हमला कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद व एक लाख 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर 2 वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इस मामले में दूसरा आरोपी नाबालिग था, जिसे किशोर न्यायालय ने 6 सितंबर 2022 को बरी कर दिया।
रानियां थाना पुलिस को दिए बयान में 21 वर्षीय पीड़िता ने बताया था कि उसकी शादी पांच माह पहले हुई है। 25 मई 2021 को दोपहर के समय वह भैंस को चारा डाल रही थी। इसी दौरान उसकी पीठ पर एक पत्थर लगा। इसकी वजह से वह नीचे गिर गई। इसके बाद पड़ोस में रहने वाला विजय व एक अन्य युवक घर में घुस आया। विजय ने उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने शोर मचाया तो उसकी ननद वहां आ गई, जिसे देखकर विजय व उसका साथी धमकी देकर भाग गया।
लोक लाज के मारे चार ने चुप रही पीड़िता
शाम को पति व सास घर आए तो पीड़िता ने उन्हें सारी आपबीती बताई। सास ने पीड़िता से कहा कि अभी शादी को पांच माह हुए हैं, लोग हमें क्या कहेंगे। लोक लाज के मारे पीड़िता चुप हो गई। चार दिन बाद विजय ने पीड़िता के पति को धमकी दी। इसके बाद पीड़िता अपने पति के साथ पुलिस थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई।
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इन धाराओं में सुनाई इतनी सजा
रानियां थाना पुलिस ने आरोपी विजय व उसके नाबालिग साथी को गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग के खिलाफ किशोर न्यायालय में मुकदमा चला। 6 सितंबर 2022 को किशोर न्यायालय ने आरोपी को बरी कर दिया। आरोपी विजय के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस चला। बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने आरोपी विजय को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद की सजा सुना दी।