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परीक्षा से पहले रात को फिर मिली धमकी तो पूरे परिवार ने किया गांव से पलायन

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गांव शेखूपुरिया से पलायन कर सिरसा आए परिवार के सदस्य न्यायालय के बाहर बैठे हुए। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। जिले के गांव शाहपुरिया स्थित राजकीय विद्यालय के दसवीं कक्षा के विद्यार्थी को पीटने और परीक्षा में न बैठने देने के मामले में अब नया मोड़ आ गया। परीक्षा से दो दिन पहले दबंगों ने पीड़ित परिवार के घर जाकर एक बार फिर धमकी दे डाली और परीक्षा में न बैठने देने की चुनौती दी। इस पर छोटे बच्चों सहित करीब 40 सदस्यों का पूरा परिवार भयभीत हो गया और गांव से पलायन कर शहर पहुंच गया। पीड़ितों ने न्यायालय में पेश होकर दुखड़ा सुनाया। इस पर न्यायालय ने संज्ञान लिया और एसपी को आदेश जारी कर पूरे परिवार की सुरक्षा बढ़ाने के सख्त आदेश दिए। इतना ही नहीं पुलिस सुरक्षा में ही छात्र को परीक्षा दिलवाने की भी हिदायत दी।
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हुआ यूं कि गांव शाहपुरिया निवासी विजय सिंह छोटे बच्चों सहित अपने पूरे परिवार को लेकर वीरवार सुबह करीब साढ़े 5 बजे गांव से पलायन कर शहर आ गया। वे अपने साथ कपड़े, खाना और अन्य सामान भी ले आया। विजय का कहना है कि यहां आकर उन्होंने एसपी ऑफिस में पीड़ा सुनाने का प्रयास किया लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद वे महिला वकील संजू बाला और ज्योति बतरा के सहयोग से जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश मल्होत्रा के न्यायालय में पेश हो गए। यहां उन्होंने पूरी आपबीती सुनाई। इस पर तुरंत प्रभाव से न्यायालय ने संज्ञान लिया और एसपी को आदेश जारी किए। आदेशों में कहा कि पूरे परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवाई जाए और पुलिस सुरक्षा में ही विजय के पुत्र को 10वीं की परीक्षा में बैठाया जाए। इन आदेशों के बाद एसपी डॉ. अर्पित जैन ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की और समस्या सुनी। साथ ही संबंधित एसएचओ को परिवार की पुलिस सुरक्षा बढ़ाने के आदेश दिए।
यूं चला घटनाक्रम तो परिवार को करना पड़ा पलायन (जैसा परिवार के सदस्यों ने बताया)
बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार के विद्यार्थी की वीरवार को 10वीं की परीक्षा शुरू होनी है। लेकिन आरोप है कि आरोपी पक्ष के लोग पीड़ित परिवार के पास इससे पहले ही मंगलवार-बुधवार रात पहुंच गए। दबंगों ने पीड़ित परिवार को धमकी दी कि और चेतावनी के साथ ये भी चुनौती दे डाली कि किसी भी कीमत पर परीक्षा में नहीं बैठने देंगे। इसके बाद पूरा परिवार सदमे में आ गया और भयभीत हो गया। करीब 40 सदस्यों का पूरा परिवार महिलाओं, बच्चों सहित बुधवार सुबह करीब साढ़े 5 बजे गांव से पलायन कर शहर आ गया। पहले ये परिवार एसपी ऑफिस आया लेकिन किसी ने नहीं सुनी। इसके बाद न्यायालय में चले गए और अपनी समस्या बताई।
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ये है पूरा मामला
25 मार्च को गांव शाहपुरिया निवासी विजय कुमार उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा। उसने बताया कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखता है और उसका नाबालिग पुत्र स्कूल के ही राजकीय विद्यालय में 10वीं कक्षा का छात्र है। उसकी 31 मार्च से परीक्षा शुरू होनी है लेकिन प्रिंसिपल ने नाम काट दिया और परीक्षा में भी नहीं बैठने दिया जा रहा। पीड़ित छात्र के परिजनों ने स्कूल के प्रिंसिपल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और स्कूल से छात्र की परीक्षा का एडमिट कार्ड दिलवाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि एक मार्च 2022 को उक्त छात्र उनके घर आया और बाइक पर उसके पुत्र को बैठाकर ले गया। कुछ देर बाद उक्त छात्र फिर घर आया और कहा कि उसके पिता विक्रम ने आपको बुलाया है। विजय सिंह ने आरोप लगाया कि उक्त छात्र उसे गांव के बाहर खेत में ले गया,यहां उसका पुत्र भी मौजूद था। इसके बाद यहां पहले से मौजूद विक्रम ने अपने साथियों के साथ विजय व उसके नाबालिग पुत्र के साथ मारपीट शुरू कर दी। पिता-पुत्र ने मुश्किल से वहां से भागकर जान बचाई। अगले दिन विजय का पुत्र स्कूल गया तो प्रिंसिपल ने उसे आने से रोक दिया। इस कारण वह दो विषय की प्रायोगिक परीक्षा भी नहीं दे पाया। इसके बाद उन्होंने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी। जिस पर पुलिस ने मारपीट करने और स्कूल में प्रवेश न करने देने पर प्रिंसिपल सहित 7 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। लेकिन चोपटा पुलिस अभी तक इस मामले में किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है।
परिवार वीरवार को सिरसा आया था और मैं स्वयं उनसे मिला हूं। परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवा दी है और उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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-डॉ. अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक, सिरसा।
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