सिरसा। सिरसा निवासी रेणु जैन ने बुधवार को चंडीगढ़ में डीजीपी हरियाणा ओपी सिंह से मुलाकात की। डीजीपी ओपी सिंह ने रेणु जैन की व्यथा को गहराई से सुना और त्वरित सुनवाई करते हुए एसपी डबवाली को फोन कर इस मामले में जिन लोगों पर एफआईआर दर्ज है, उनकी तुरंत गिरफ्तारी के आदेश दिए।
रेणु जैन ने बताया कि उसके परिवारजनों को 2005 में कालांवाली निवासी प्रदीप जैन ने एक प्लॉट दिलवाया था, जिसकी बकायदा रजिस्ट्री भी करवाई गई। उक्त प्लॉट की देखभाल प्रदीप जैन ही करता था। कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि उक्त प्लॉट को प्रदीप जैन, गांव गदराना के जगपाल सिंह, कालांवाली निवासी फिल्टर पंच व लवलीन जैन ने मिलकर धोखाधड़ी से बेच दिया है।
सूचना पाकर जब वे मौके पर गए तो वहां मकान बने हुए थे। उन्होंने प्रदीप जैन से इस संबंधी पूछताछ की, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उसने पुलिस से लेकर प्रशासन तक न्याय के लिए गुहार लगाई, लेकिन कहीं से भी न्याय की उम्मीद नहीं जगी। उसने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने उसकी पीड़ा को समझते हुए डबवाली एसपी को उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी के आदेश दिए।
कोर्ट के आदेशों के 26 अक्तूबर को एफआईआर तो दर्ज कर ली गई, लेकिन 20 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने एक आरोपी को पकड़कर बाकी के आरोपियों की धरपकड़ के लिए कोई प्रयास नहीं किए। पीड़िता का आरोप है कि प्रदीप जैन, लवलीन जैन राजनीतिक लोगों से संबंध रखते हैं और पुलिस से उनकी सांठगांठ है। इसके चलते पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही और मामले में लीपापोती कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर रही है। डीजीपी ने आश्वासन दिया कि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी।