सिरसा। नगर परिषद क्षेत्र के बाजारों, बस स्टैंड व रेलवे स्टेशन के आसपास स्थापित 31 सार्वजनिक शौचालय को दुरुस्त और सफाई रखने के लिए नगर परिषद ने निजी एजेंसी को ठेका दिया हुआ है। अब इस एजेंसी को ठेका खत्म हो गया है। नगर परिषद ने नई एजेंसी के लिए टेंडर लगाया है। देखरेख व सफाई करने वाली एजेंसी के लिए गंभीरता दिखाई जा रही है।
अब नगर परिषद ने शौचालयों के लिए नई एजेंसी की तलाश शुरू कर दी है। इसके लिए हाल ही में 46 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है। देखरेख के लिए दिए गए इन शौचालयों के हालात बेहतर नहीं है। लंबे समय से मांग के बावजूद सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत नहीं हुई हैं। नगर परिषद के हालात ऐसे है कि सार्वजनिक शौचालयों की मरम्मत व नवीनीकरण का टेंडर लगाने के बाद भी अभी तक कोई काम शुरू नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त चार से पांच शौचालय नये बनाए जाने है। उनका काम भी शुरू नहीं हुआ है।
बारिश में नहीं कर सकते हैं एंट्री
बस स्टैंड के बाहर बने सार्वजनिक शौचालय का हाल तो ऐसा है कि आमजन उसमें जाना मुनासिब नहीं समझता। बाहर से ही देखकर उसकी स्थिति का अंदाजा लगाकर लौट जाता है। दीवारों पर प्लास्टर उतर चुका है और जगह-जगह सीलन है। बारिश में यहां पर पानी भर जाता है। वहीं, चारों ओर बदबू भरा माहौल बना रहता है।
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जाट धर्मशाला के पास बने यूरिनल और शौचालय बंद
जाट धर्मशाला के सामने पुराने बस स्टैंड पर यूरिनल और शौचालय बनाए गए थे, जो कि बंद पड़े हैं। अब मौजूदा समय में वहां पर टैक्सी स्टैंड बना हुआ है। वहां के लोगों की ओर से कई बार इन्हें दुरुस्त करवाने की मांग उठती है, लेकिन इनकी ओर ध्यान नहीं दिया जाता है।
टाउन पार्क के शौचालय को मरम्मत की जरूरत
टाउन पार्क के अंदर शौचालय बना हुआ है। यहां पर सबसे ज्यादा संख्या में शहर के लोग घूमने के लिए आते हैं। यहां तक कि सालासर बालाजी मंदिर, रेलवे स्टेशन होने के कारण बड़े स्तर पर लोग सुबह व शाम के समय यहां पर आते हैं। इसलिए इस पार्क में शौचालय की जरूरत है। मौजूदा समय में शौचालय के हालत बेहतर नहीं है। इसमें सफाई का ध्यान नहीं रखा जाता है।
सार्वजनिक शौचालयों के मरम्मत के लिए इंजीनियरिंग ब्रांच काम कर रही है। वहीं, एजेंसी का टेंडर खत्म होने वाला है। इससे पहले पहले दूसरी एजेंसी के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हमारी ओर से इंजीनियरिंग ब्रांच से मांग की गई है कि सार्वजनिक शौचालयों को नया बनाया जाए या दुरुस्त करवाया जाए। लंबे समय से लोगों की ओर से यह मांग आ रही है।
- जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद, सिरसा।