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आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों का असली मकसद राजनीतिक तौर पर चमकाना : दुष्यंत चौटाला

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लोगों की समस्या सुनते उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। जननायक जनता पार्टी लोगों के आशीर्वाद से तीन सालों में ही प्रदेश में अपना खासा मुकाम बना चुकी है और आने वाले समय में पार्टी हरियाणा से बाहर भी अन्य प्रदेशों में तेजी से अपने विस्तार को गति देगी। किसान आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों का असली मकसद किसानों को गुमराह कर खुद को राजनीतिक तौर पर चमकाना था। इस बारे में अब सब स्पष्ट भी हो चुका है।
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उक्त बातें उपमुख्यमंत्री दुष्यंत ने सोमवार को चौटाला हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि हरियाणा के साथ-साथ जेजेपी गुजरात, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान में अपना विस्तार कर रही है और निकट भविष्य में पंजाब में भी इसकी शुरूआत कर नए लोगों को पार्टी से जोड़कर इसे पहले से कहीं अधिक मजबूत बनाया जाएगा। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि लोगों के विकास के लिए कहा कि राज्य सरकार खुले रूप में वे तमाम निर्णय ले रही है जिससे आमजन लाभान्वित हो। इसके लिए प्रदेश के सभी 52 विभागों में कार्यों को डिजिटलाइज किया जा रहा है ताकि पूरी पारदर्शिता के साथ लोगों को घर बैठे ही सुविधा दी जा सके। सुशासन दिवस पर राज्य की गठबंधन सरकार की ओर से इस दिशा में निर्णय लिया गया था कि आर्म्स लाइसेंस जैसे अन्य सभी कार्यों के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्करों से बचाने के लिए सभी कार्य डिजिटलाइज किए जाए। इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर उनके साथ जेजेपी के जिला कार्यालय सचिव हरि सिंह भारी, जिला प्रेस प्रवक्ता तरसेम मिढा व जेजेपी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शगनजीत सिंह गिल मौजूद रहे।
किसान नेताओं का मकसद राजनीति में उतरना था : दुष्यंत
दुष्यंत ने किसान नेताओं द्वारा राजनीतिक क्षेत्र में उतरने संबंधी घोषणा पर कहा कि बहुत पहले से ही ये अंदेशा था कि आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों का असली मकसद किसानों को गुमराह कर खुद को राजनीतिक तौर पर चमकाने का है। इस दिशा में अब सब स्पष्ट भी है कि कैसे पंजाब के 32 किसान संगठनों में से 25 ने राजनीतिक क्षेत्र में उतरने का फैसला किया है। इस कड़ी में हरियाणा के किसान संगठन का नेतृत्व करने वाले भी अछूते नहीं हैं।
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कर्फ्यू लगाने का फैसला स्थितियों के अनुसार लिया जाएगा
कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन संबंधी मुद्दे पर सरकार के रूख पर उन्होंने कहा कि हरियाणा में कर्फ्यू लगाने जैसी स्थितियां कहीं नहीं है। मगर सभी जिलों के उपायुक्तों से कहा गया है कि कोरोना संक्रमण की स्थितियों के मुताबिक ही वे फैसला लें। रात्रिकालीन पाबंदियां इस दिशा में लोगों को संक्रमण से सचेत रहने का सूचक है। मगर दिल्ली में जिस प्रकार ओमिक्रॉन की स्थितियां तेजी से बढ़ रही हैं, उसे देखते हुए आने वाले दिनों में राज्य सरकार एनसीआर इलाके में धीरे धीरे सख्त निर्णय लेगी। वहीं उन्होंने पंचायत के चुनावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पंचायती चुनाव का मामला अदालत में विचाराधीन है। मगर राज्य सरकार ने निर्णय लिया हुआ है कि महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण और बीसीए को 8 फीसदी आरक्षण के साथ ही चुनाव करवाए जाएं। जैसे ही अदालत का कोई फैसला आएगा, वैसे ही राज्य सरकार पंचायती चुनाव करवाएगी।
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