संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सिरसा और फतेहाबाद जिले में नशे की समस्या गंभीर रूप धारण करती जा रही है। एक ओर जहां घर के घर उजड़ते जा रहे हैं, वहीं नशे की ओवरडोज से युवाओं की मौत का सिलसिला जारी है। सरकार गांवों के नशा मुक्त होने का पंचायतों से जबरन प्रस्ताव पारित करवाकर अपनी पीठ थपथपा रही है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि नशा पंजाब और राजस्थान के साथ लगते हरियाणा के लोकसभा क्षेत्रों में अधिक प्रभावी है। हिसार, सिरसा, भिवानी-महेंद्रगढ़, अंबाला और कुरुक्षेत्र आदि इससे प्रभावित है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश के साथ लगते करनाल, सोनीपत, फरीदाबाद व गुरुग्राम लोकसभा क्षेत्रों में भी नशीले पदार्थ काफी बिक रहे हैं। जित दूध दही का खाणा, वह मेरा हरियाणा के नाम से पहचान बनाने वाले प्रदेश की आज की तस्वीर काफी डरावनी है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि पंजाब को ‘उड़ता पंजाब’ के नाम से जाना जाने लगा और अब हरियाणा की भाजपा सरकार ने इस प्रदेश को नशे में ‘उड़ता हरियाणा’ में तब्दील कर दिया। सरकार का ‘नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने यह स्वीकार किया है कि प्रदेश के 22 में से 13 जिले नशे की भयानक चपेट में हैं।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि सिरसा और फतेहाबाद जिला के नशे की ओवरडोज से एक के बाद एक युवाओं की मौत हो रही है। रोडी क्षेत्र में दो माह में कई युवाओं की मौत हो चुकी है। रतिया क्षेत्र में भी नशे की ओवरडोज से अनेक युवाओं की मौत हो चुकी है। शहरों के साथ अब गांवों में भी सिंथेटिक नशा पहुंच गया है। रोड़ी में मरने वालों का आंकड़ा बताए जा रहे आंकड़े से कहीं अधिक है। सैलजा ने कहा कि जब तक पुलिस नशा तस्करों की चेन नहीं तोड़ेगी, तब तक नशे का धंधा चलता रहेगा।