स्वास्थ्य विभाग कोरोना को लेकर सतर्कता बरते हुए है। विभाग को सिरसा जेल में बंद कैदियों के जांच के दौरान एक कैदी कोरोना संदिग्ध मिला जिसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर सैंपल जांच के लिए लैब में भेजा गया है। जिले में किसी कैदी को आइसोलेट करने का यह पहला मामला है। अस्पताल में आने वाले खांसी जुकाम के मरीजों को फ्लू वार्ड में भेजा जा रहा है। वहीं इन मरीजों को फ्लू ओपीडी में भेजा जा रहा है जहां मरीजों की आंखों का तापमान जांचा जा रहा है और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना को लेकर बुलेटिन करने की तैयारी में है। वहीं अस्पताल में स्पीकर भी लगा दिए हैं।
कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी किए हुए बैठा है। सिविल अस्पताल सिरसा में फ्लू की जांच के लिए एक ओपीडी बनाई गई है। जहां मरीजों की खांसी जुकाम तथा निमोनिया जैसी बीमारी की जांच की जाती है। स्वास्थ्य विभाग मरीजों को फ्लू ओपीडी की जांच के बाद अस्पताल के दूसरे परिसर में जाने से रोक लगा रहा है। फ्लूू वार्ड में ही मरीजों के लिए दवाइयों की भी व्यवस्था कर दी गई है। जो भी मरीज फ्लू ओपीडी में आते हैं वह अपनी दवाईयां भी वहीं से ले सकते हैं। इसके साथ ही डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. विरेश भूषण ने अपनी ओर से आंखों का तापमान जांचने की मशीन फ्लू ओपीडी में रखी है। जो आने वाले मरीजों की आंखों के तापमान की जांच करेंगे। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने बीते वीरवार सिरसा जेल में बंद करीब 1200 कैदियों की जांच की थी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग को एक कैदी संदिग्ध लगा। जिसको लेकर स्वास्थ्य विभाग सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में पहुंचा और भर्ती करवा दिया। आइसोलेशन में रखे गए कैदी के सैंपल लैब में भेजे गए हैं। जिसकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
मरीजों को हाथ धोने की जानकारी दे रहे सुरक्षाकर्मी
सिविल अस्पताल में अब हर जगह स्पीकर लगाए गए हैं। जहां अस्पताल में आने वालों को जानकारी दी जा रही है कि वह अपने हाथ कैसे धोएं तथा यह भी जानकारी दी जा रही है कि कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि इससे लड़ने की जरूरत है। अस्पताल में खांसी जुकाम के आने वाले मरीज केवल फ्लू ओपीडी में ही अपनी जांच करवाएं। सिविल अस्पताल के बाहर एक सुरक्षाकर्मी को भी बिठाया गया है, जो आने वाले मरीजों को हाथ धोने के बारे में जानकारी दे रहे हैं।
सरकारी भवनों के प्रवेश द्वार पर स्थापित किए जाएं थर्मल स्कैनर : बिढान
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जहां तक संभव हो सके सभी सरकारी भवनों, इमारतों के प्रवेश द्वार पर थर्मल स्कैनर स्थापित करवाएं तथा हैंड सेनिटाइजर लगाया जाए। उपायुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार के निर्देशानुसार कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के उद्देश्य से सरकारी कर्मचारियों और सार्वजनिक हित में परामर्श जारी किया गया है। उपायुक्त ने कहा कि जहां तक संभव हो सके विभागीय बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेस के माध्यम से करवाई जाए। इसके साथ-साथ बैठक में कम से कम लोग एकत्रित हों, यह सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि कार्यालयों या कार्य स्थलों की उचित तथा बार-बार सफाई करवाना सुनिश्चित करें। विशेषकर छूने वाली सतह, ग्रीलिंग, दरवाजों के हैंडल की अच्छे से सफाई की जाए और शौचालयों में हैंड सेनिटाइजर, साबुन, पानी की समुचित व्यवस्था करवाई जाए। उपायुक्त बिढान ने अधिकारियों को सलाह दी है कि वे अपने स्वास्थ्य की देखभाल रखें और अस्वस्थ महसूस करने पर सरकार की हिदायतों अनुसार खुद को घर पर ही क्वारनटाइन करें। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य विभाग की सलाह पर ही अधिकारी अथवा कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत करें।
31 तक कोर्ट में लंबित केस रहेंगे स्थगित
कोरोना वायरस से बचाव व इसके फैलाव को रोकने के मद्देनजर जिला की सभी कोर्ट में लंबित केसों को 31 मार्च तक स्थगित किया गया है। इन सभी केसों में आगामी तारीख दे दी जाएगी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. आरएन भारती ने बताया कि जिला में कोरोना वायरस को रोकने व इसके बचाव के संबंध में सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी कड़ी में 31 मार्च तक जिला की सभी कोर्ट में जितने भी लंबित केस हैं, उन्हें स्थगित किया गया है। इन केसों में आगामी तारीख दी जाएंगी। आमजन अपने केसों की तारीख ऑन लाइन देख सकते हैं, उन्हें कोर्ट में आने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि कोर्ट में केवल जमानत और स्थगनादेश वाले केसों की ही सुनवाई होगी। न्यायाधीश ने आमजन से भी अपील की है कि वे कोरोना वायरस से डरने की बजाए सजग व सतर्क रहें और सावधानियां बरतें।