तत्कालीन एसडीएम जयवीर यादव को नई वार्डबंदी की कमियां दिखाते हुए निवर्तमान पार्षद। फाइल फोटो
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सिरसा। नगर परिषद की ओर से करवाई गई शहर की वार्डबंदी एक बार फिर खटाई में पड़ गई है। वार्डबंदी के सर्वे के खिलाफ निवर्तमान पार्षदों ने न्यायालय में याचिका दायर की है। न्यायालय ने इस पर रिपोर्ट भी तलब कर ली है। इस मामले अब सुनवाई 10 नवंबर को होगी। ऐसे में आशंका है कि नगर परिषद के चुनाव समय पर हो पाएंगे या नहीं।
सरकार के आदेश पर नगर परिषद ने शहर का सर्वे करवा नई वार्डबंदी की। नई वार्डबंदी से पहले प्रशासन ने शहरवासियों से आपत्तियां मांगी। इस दौरान 30 से ज्यादा आपत्तियां दर्ज र्हुइं। आपत्तियों पर सुनवाई और उनके समाधान के लिए बैठक बुलाई गई। लेकिन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। तत्कालीन एसडीएम जयवीर यादव बैठक के अंतिम चरण में पहुंचे और आपत्तियां दर्ज कर रिपोर्ट उपायुक्त को भेज दी। इसके बाद में उपायुक्त के माध्यम से सरकार के पास रिपोर्ट भेजी गई। मुख्यालय में इसे मंजूरी दे दी गई। दूसरी ओर निवर्तमान पार्षदों ने सर्वे में कमियां गिनाईं और उन्हें सुधारने की मांग की। कई नितर्वमान पार्षदों सहित अन्य लोगों ने कहा कि प्रशासन ने बताया भी नहीं कि उनकी आपत्तियों का क्या किया गया। निवर्तमान पार्षदों विकास जैन, विकास गुज्जर और कौशल्या वर्मा ने बताया कि प्रशासन ने ऐसी सर्वे को मंजूरी दे दी, जिसमें खामियां ही खामियां हैं। उनकी ओर से दर्ज आपत्तियों पर प्रशासन ने क्या फैसला किया, इस बारे में भी नहीं बताया। इसके अलावा वार्डों को लेकर किए गए सर्वे में अन्य कमियां भी हैं। इसलिए इस सर्वे रिपोर्ट और नई वार्डबंदी को न्यायालय में चुनौती दी गई है। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने याचिका पर संज्ञान भी ले लिया और इस संबंध में रिपोर्ट भी तलब कर ली है।
यह है मामला
शहर में 31 वार्ड हैं। पिछले कुछ वर्षों में शहरी सीमा के साथ लगते ग्रामीण क्षेत्रों से कुछ हिस्सों को वार्डों में शामिल किया गया है। इस कारण वार्डों की सीमाएं बदल गई। इसलिएसरकार ने आदेश दिया कि सभी वार्डों की नए सिरे से वार्डबंदी करवाई जाए। नगर परिषद ने निजी सर्वे एजेंसी को ठेका जारी करके सर्वे करवाया और नए सिरे से सभी वार्डों की वार्डबंदी करवाई गई।
अभी नहीं आया नोटिस : कार्यकारी अधिकारी
न्यायालय में याचिका संबंधी कोई जानकारी नहीं है। अधिकारिक रूप से न्यायालय की ओर से कोई समन या नोटिस नहीं आया है।
- संदीप मलिक, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।