संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा (सिरसा)। नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के चेयरमैन सूरजभान बुमरा के खिलाफ बुधवार को लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। इससे चेयरमैन सूरजभान की कुर्सी बच गई।
पंचायत समिति नाथूसरी चोपटा के सदस्यों ने 11 नवंबर को जिला उपायुक्त को पंचायत समिति के अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपा था। इसमें आरोप लगाया था कि अध्यक्ष की कार्यशैली संतोषजनक नहीं है। वह नियमों के अनुसार और बिना सहमति के कार्य करवा रहे हैं जो कि गलत है। इसलिए सदस्य अविश्वास प्रस्ताव पारित करना चाहते हैं।
इसी मांगपत्र के बाद जिला उपायुक्त ने बीडीपीओ कार्यालय में बुधवार को बैठक बुलाने के निर्देश दिए थे। इसलिए बुधवार को बीडीपीओ कार्यालय नाथूसरी चोपटा में पंचायत समिति सदस्यों की बैठक हुई। इस बैठक में एडीसी लक्षित सरीन और बीडीपीओ सार्थक श्रीवास्तव मौजूद रहे। इस दौरान पंचायत समिति के कुल 30 सदस्यों में से 22 सदस्य ही बैठक में पहुंचे। मतदान के दौरान अध्यक्ष के पक्ष में 13 सदस्यों और विपक्ष में नौ सदस्यों ने मत डाला जबकि आठ सदस्य अनुपस्थित रहे।
अविश्वास प्रस्ताव में जीत के बाद चेयरमैन सूरजभान भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में भाजपा छोड़ इनेलो का दामन थामने के बाद उनके खिलाफ अध्यक्ष पद से हटाने का षड्यंत्र रचा जा रहा था। पंचायत समिति के सदस्यों का समर्थन उनके साथ है और उनकी कुर्सी कायम है।
अध्यक्ष पद से हटाने की कई दिनों से चल रही थी साजिश : सूरजभान
बैठक में जीत के बाद बीडीपीओ कार्यालय से बाहर आकर अध्यक्ष सूरजभान बुमरा ने कहा कि उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान इनेलो की सदस्यता ली थी। तभी से उन्हें पद से हटाने की साजिश रची जा रही थी। उन पर कई बार राजनीतिक दबाव डाला गया। उन्हें मारने तक की धमकी दी गई लेकिन पंचायत समिति के सदस्यों का समर्थन हमेशा उनके साथ रहा है। आज भी उन्हें पूर्ण बहुमत मिला है।
सूरजभान 23 दिसंबर 2022 को सर्वसम्मति से बने थे चेयरमैन
नाथूसरी चौपटा पंचायत समिति के चेयरमैन का चुनाव 23 दिसंबर 2022 को सर्वसम्मति से हुआ था। इस दौरान सूरजभान बूमरा चाहरवाला को चेयरमैन और मांगेराम पूनिया खेड़ी को वाइस चेयरमैन चुना गया था। इन दोनों पदों के लिए 1- 1 नामांकन दाखिल किए गए थे।