सिरसा। नशा मुक्ति केंद्र में मृतक जसवीर सिंह के परिजनों ने वीरवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीपक सहारन से मुलाकात कर आरोप लगाया कि उनके परिवार के सदस्य की मौत हत्या से हुई है। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ हत्या की धारा लगाने की मांग की, जिस पर एसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
मानसा जिले के गांव माखा निवासी जसवीर सिंह की पत्नी गुरमीत कौर ने कहा कि उनके पति की मौत सामान्य घटना नहीं थी बल्कि उन्हें नशा मुक्ति केंद्र में अत्यधिक मारपीट का शिकार बनाया गया था। आरोप लगाया कि जसवीर को अमनदीप सिंह के नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल कराया गया था, जहां आरोपी ने उसे क्रूरता से पीटा जिसके परिणामस्वरूप उसकी मौत हो गई।
गुरमीत कौर ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि आरोपी के पास नशा मुक्ति केंद्र चलाने का कोई लाइसेंस नहीं था और यह केंद्र बिना सरकारी अनुमति के चल रहा था। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने आरोपी के साथ मिलीभगत कर बीएनएस की धारा 106 लगाई है जबकि इस मामले में हत्या की धारा 103 लगनी चाहिए थी।
17 सितंबर को हुई थी जसवीर की मौत
गुरमीत कौर ने बताया कि उनकी शादी जसवीर सिंह से 13 साल पहले हुई थी और सात साल पहले जसवीर को शराब की लत लग गई थी। 12 सितंबर को वह जसवीर को सिरसा के ब्राइट फ्यूचर नशा मुक्ति केंद्र लेकर गई थीं, ताकि उसकी शराब की लत छुड़ाई जा सके। 17 सितंबर को केंद्र संचालक अमनदीप सिंह ने बताया कि जसवीर की मौत हार्ट अटैक से हुई, और घरवाले इस पर विश्वास कर शव का अंतिम संस्कार कर दिया। लेकिन बाद में एक व्यक्ति की ओर से ली गई जसवीर की तस्वीरों में उसके शरीर पर मारपीट के निशान दिखे जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जसवीर की मौत सामान्य नहीं बल्कि हत्या थी।