रानियां। शनिवार रात की जानकारी देता गुरदयाल सिंह व अन्य। संवाद
रानियां। गांव ओटू में बीते 20 दिनों में नशे से हुई चार युवकों की मौत के बाद मामला काफी गरमाया हुआ है। इसी दौरान मृतक सुखचैन के परिजनों पर पुलिस की ओर से दबाव बनाए जाने का मामला भी सामने आया है। मृतक सुखचैन के पिता गुरदयाल सिंह ने बताया कि शनिवार देर रात पुलिस की गाड़ी उनके घर आई और दो पुलिसकर्मियों ने एक कागज पर उन्हें हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया।
गुरदयाल ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने एक साथ एक कागज पर सुखचैन का बयान लिखा था। इसमें उन्होंने सुखचैन की ओर से किसी मंगा नामक व्यक्ति से नशीला पदार्थ खरीदने की बात लिखी गई थी जबकि सुखचैन के लापता होने से लेकर शव मिलने तक पुलिस को किसी प्रकार की सूचना तक नहीं थी, तो पुलिस के पास सुखचैन का बयान कैसे दर्ज हो गया।
गुरदयाल सिंह ने बताया कि पुलिसकर्मियों के बार-बार दबाव बनाने पर उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षक की ओर से दिए गए नंबर पर संपर्क कर पूरा घटनाक्रम बताया तो पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों को लताड़ लगाई। इसके बाद दोनों पुलिसकर्मी बिना हस्ताक्षर करवाए उनके घर से चले गए। जांच अधिकारी गुरनमिंदर सिंह ने बताया कि एसपी के आदेशानुसार व मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार रात को वे मृतक सुखचैन के पिता गुरदयाल सिंह का बयान दर्ज करने के लिए गए थे। उन्होंने किसी भी प्रकार का बयान देने से मना कर दिया था। इसके बाद वे वापस आ गए।
मृतक के परिजनों से मिले थे एसपी पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण से गुहार लगाई है कि वे समाज रहे में बढ़ रहे नशे पर पूर्णतया अंकुश लगाए और बेवजह पीड़ित परिवारों को प्रताड़ित करना बंद करवाएं। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण भी नशे से हो रही मौत मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को गांव ओटू मृतकों के परिजनों से मिले थे और नशे के सौदागरों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद रानियां पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई आगे बढ़ी।