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Sirsa News: लापरवाही की हद...बिना पुलिस दस्तावेजों के तीन दिनों से शवगृह में रखाया महिला का शव

Mon, 03 Feb 2025 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा के नागरिक अस्पताल का शव गृह।   संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। रानियां के गांव खारियां में शनिवार को 30 वर्षीय महिला के डिग्गी में डूबने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही खुलकर सामने आई है। मामले में जहां अस्पताल प्रबंधन ने नियमों को ताक पर रखकर महिला का शव शवगृह में रखवा दिया। वहीं पुलिस भी लापरवाह बनी रही। दो दिन तक न ही कोई पुलिसकर्मी आया और न ही पोस्टमार्टम के संबंध में पुलिस ने कोई दस्तावेज पेश किए। इतना ही नहीं, इस मामले की जानकारी रानियां थाना प्रभारी को भी नहीं दी गई। हालांकि इस मामले में अस्पताल प्रबंधन जांच करवाने की बात कह रहा है। वहीं, इस मामले में मृतक महिला के ससुराल और मायके पक्ष के लोगों ने भी चुप्पी साध ली है। जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों में दो दिन से समझौते के प्रयास चल रहे थे। सोमवार को दोनों पक्षों में समझौता भी हो गया है। सरपंच प्रतिनिधि तेग बहादुर ने दावा किया कि मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। ऐसे में अब पुलिस प्रशासन तीन दिन बाद क्या कार्रवाई करने वाली है, यह अहम रहने वाला है।



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यह है पूरा मामला

शनिवार देर शाम छह बजे शवगृह में 30 वर्षीय महिला का शव रखवाने के लिए सरपंच प्रतिनिधि व महिला के परिजन नागरिक अस्पताल पहुंचे। यहां पर कार्यरत कर्मचारी को सरपंच प्रतिनिधि ने रानियां थाना प्रभारी का हवाला देकर शवगृह रखने की बात कही। कर्मचारी ने कहा कि वह पुलिस अधिकारी से उसकी बात करवाए या कोई दस्तावेज दे। सरपंच प्रतिनिधि ने फोन पर एक व्यक्ति से बात करवाई। उसने खुद को राजबीर बताते हुए रानियां थाने में जांच अधिकारी बताया। कहा कि रविवार को शव का पोस्टमार्टम करवाएंगे और दस्तावेज लेकर पहुंचेंगे। तब तक शव को शवगृह में रख दो। कर्मचारी ने फोन पर बात होने के बाद शव को शवगृह में रख दिया।
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कर्मचारी से मिले परिजन, शव को वापस देने का कहा

सोमवार को दोपहर दो बजे के आसपास सरपंच प्रतिनिधि के साथ मृतक महिला के परिजन नागरिक अस्पताल पहुंचे। वे सीधे शवगृह में कर्मचारी से मिले और शव वापस देने की बात कही। इस पर कर्मचारी ने कहा कि आप चिकित्सक से लिखवाकर लाएं, तभी आपको महिला का शव दिया जाएगा। उसका अभी पोस्टमार्टम भी नहीं हुआ है। इसके बाद सभी चिकित्सक आरके दहिया के पास पहुंचे। आरके दहिया ने कहा कि बिना पुलिस जांच और दस्तावेज शव नहीं दिया जा सकता है। पुलिस से अभी तक कोई दस्तावेज या सूचना प्राप्त नहीं हुई है। 20 मिनट तक चिकित्सक और परिजनों में बातचीत चलती रही। चिकित्सक ने स्पष्ट शब्दों में उन्हें कहा कि बिना पुलिस कार्रवाई और पोस्टमार्टम के वे शव नहीं देंगे।

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यह है नियम

नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए विशेष नियम कानूनी तौर पर बनाए गए हैं। इन नियमों के अनुसार कर्मचारी फोन पर किसी भी पुलिसकर्मी के कहने पर शवगृह में कोई शव नहीं रख सकता है।

1. अस्पताल में उपचार के दौरान हुई मौत या हादसे में अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक ने व्यक्ति को मृत घोषित किया हो तो संबंधित मामले में अस्पताल प्रशासन शव को शवगृह में रखवाएगा। इसको लेकर संबंधित थाना पुलिस को सूचित करेगा।

2. जिले के किसी भी क्षेत्र में कोई घटना होने या व्यक्ति की मौत होने पर पुलिस की मौजूदगी व दस्तावेजों के आधार पर मृतक के शव को शवगृह में रखवाया जाता है। शव रखवाने को लेकर सारी जिम्मेदारी पुलिस की होती है।

3 किसी भी व्यक्ति के शव की पहचान न होने की सूरत में 72 घंटे तक शवगृह में रखा जाता है। 72 घंटे के बाद शव पुलिस को सौंप दिया जाता है। पुलिस अपने स्तर पर शव का अंतिम संस्कार करती है।

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बॉक्स

सवाल : अस्पताल प्रबंधन ने क्यों नहीं की कार्रवाई

अस्पताल प्रबंधन को सोमवार दोपहर तक जानकारी ही नहीं थी कि रानियां थाने के नाम पर रखवाया महिला के शव का पोस्टमार्टम कौन करवाएगा। इसको लेकर अस्पताल प्रशासन ने पुलिस से बातचीत करना भी जरूरी नहीं समझा।



कोट्स

सोमवार को अस्पताल में गए थे। परिजनों ने चिकित्सकों से बातचीत की है। मंगलवार को महिला के शव का पोस्टमार्टम करवाएंगे। - तेग बहादुर, सरपंच प्रतिनिधि, गांव खारियां।

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किसी महिला की दो दिनों पहले डिग्गी में डूबने से मौत हुई है, इसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। किसके कहने पर दो दिन से पोस्टमार्टम के लिए शव रखवाया गया है, इस मामले में जांच की जाएगी। - दिनेश कुमार, एसएचओ, रानियां
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महिला का शव लेने के लिए सोमवार को दोपहर दो बजे के करीब परिजन और सरपंच प्रतिनिधि आए थे। मैंने उनसे शव को लेकर पुलिस दस्तावेज देने व जांच अधिकारी को लाने को कहा था। बिना पुलिस दस्तावेज न तो शव का पोस्टमार्टम होता है और न ही शव किसी को दिया जाता है। पुलिस की ओर से दस्तावेज आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में हुई लापरवाही को लेकर जांच करेंगे। - डाॅ. आरके दहिया, शवगृह इंचार्ज, नागरिक अस्पताल सिरसा।

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शवगृह का कार्यभार डॉ. आरके दहिया को दिया हुआ है। ऐसा कोई मामला है तो वही अपने स्तर पर जांच करवाएंगे।

डॉ. पवन कुमार, पीएमओ, नागरिक अस्पताल सिरसा
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