रोड़ी। रोड़ी क्षेत्र में पंचायती तटबंधों की मॉनिटरिंग के लिए आखिरकार प्रशासन हरकत में आया। दो दिनों से घग्गर नदी के जलस्तर में गिरावट देखी जा रही है। बुधवार को कालांवाली के एसडीएम मोहित कुमार और उनकी टीम ने हरियाणा और पंजाब की सीमा पर बहने वाली घग्गर नदी का निरीक्षण किया। इस दौरान एसडीएम ने स्पष्ट किया कि तटबंधों की स्थिति संतोषजनक नहीं है और इन्हें जल्द मजबूत किया जाए।
घग्गर नदी पंजाब के सरदूलगढ़ से निकलकर हरियाणा के सिरसा जिले के मत्तड़, लहंगेवाला और रंगा गांवों की सीमा में प्रवेश करती है। मंगलवार और बुधवार की मध्यरात्रि को हुई बारिश के बाद प्रशासन को तटबंधों की स्थिति की सुध आई और तत्परता से निरीक्षण की योजना बनाई गई।बुधवार को एसडीएम मोहित कुमार ने रंगा पुल पर पहुंचकर घग्गर नदी के नक्शे और भू-स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ मिलकर नदी के आसपास के क्षेत्रों का जायजा लिया और तटबंधों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तटबंधों की वर्तमान स्थिति पर आधारित विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए, ताकि आगामी दिनों में बारिश और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए समय रहते कदम उठाए जा सकें।
एसडीएम का हालातों से करवाया रूबरू
ग्रामीण बादल सिंह, मंदर सिंह, सुखदीप सिंह, रमनदीप सिंह, गुरसेवक सिंह, बब्बू सिंह ने एसडीएम को अवगत करवाया कि जब भी घग्गर में जलस्तर बढ़ता है, सबसे ज्यादा खतरा इन गांवों को ही होता है। कई बार प्रशासन से अनुरोध किया कि तटबंधों को सीमेंटेड करवा कर उनकी मजबूती बढ़ाई जाए, लेकिन फाइलें केवल दफ्तरों में घूम रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ का पानी खेतों में घूसता है, जिससे फसलें बर्बाद हो जाती हैं। सरकार से मांग है कि घग्गर के किनारे पक्के बांधों का निर्माण करवाए।
बाढ़ में 49 से ज्यादा गांव हुए थे प्रभावित
वर्ष 2023 में आई बाढ़ में जिले के 49 से अधिक गांव प्रभावित हुए थे। इनमें अकेले रोड़ी क्षेत्र के एक दर्जन गांव शामिल थे। ग्रामीणों ने बताया कि आज भी बाढ़ की तबाही के निशान नजर आते हैं। कुछ लोग गांव से पलायन तक कर गए थे। इस दौरान पर एसडीओ रघुवीर शर्मा, पंचायत सचिव कृष्ण कुमार, पंचायत अधिकारी हरजीत सिंह, कानूनगो राम सिंह, पटवारी जोगिंदर सिंह, पटवारी नरेश आदि मौजूद रहे।