डबवाली। पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने सावंत खेड़ा, पीपली और हैबुआना गांवों में पहुंचकर नशा पीड़ितों को समाज में शामिल करने के लिए सार्थक पहल की। टीम प्रभारी उप निरीक्षक सुग्रीव कुमार के अनुसार, अभियान के दौरान नशा पीड़ितों की पहचान कर उन्हें मदद प्रदान की गई।
अभियान के दौरान 10 नशा पीड़ितों को चिह्नित किया गया। सिविल अस्पताल के चिकित्सकों की ओर से उनकी काउंसिलिंग करवाई गई और उपचार शुरू किया गया। नशा मुक्ति टीम ने इस प्रक्रिया में पीड़ितों के परिवारों को भी शामिल किया ताकि वे धैर्य बनाए रखें और सहयोगी वातावरण सुनिश्चित करें।
टीम ने ग्रामीणों को बताया कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। नशा तस्करी और नशा पीड़ितों की जानकारी को गोपनीय रूप से साझा करने के लिए राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 या मानस पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है। नशा पीड़ित या नशा तस्करी से जुड़ी सूचना देने के लिए नशा मुक्ति टीम के मोबाइल नंबर 9138999731 पर संपर्क किया जा सकता है।
ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभाव बताए :
टीम की ओर से ग्रामीणों को बताया गया कि नशा व्यक्ति और समाज दोनों के लिए हानिकारक है। यह स्वास्थ्य को कमजोर करता है, जैसे लीवर, हृदय और मस्तिष्क की समस्याएं। नशे की आदत से व्यक्ति का मानसिक संतुलन बिगड़ता है जिससे चिड़चिड़ापन, अवसाद और निर्णय क्षमता में कमी आती है। परिवार में तनाव और अशांति बढ़ती है। नशा करने वाले का आर्थिक नुकसान होता है और रोजगार की संभावनाएं घटती हैं। इसके साथ ही, नशा अपराध और सामाजिक विघटन को बढ़ावा देता है इसलिए नशे से दूर रहना और जरूरत पड़ने पर मदद लेना आवश्यक है।