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विषाक्त भोजन से एक महिला और एक बच्ची की हालत अभी भी गंभीर, एक बच्चे की पहले हो चुकी है मौत

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निजी अस्पताल में दाखिल महिला का इलाज करते डॉक्टर। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। शहर की पुरानी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में ब्रेड-भुजिया खाने से बीमार हुए लोगों का अभी इलाज जारी है। निजी अस्पताल में दाखिल एक महिला और बच्ची की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। हालांकि घटना की शिकायत अभी तक पुलिस को नहीं दी गई है। वहीं एक ढाई वर्षीय बच्चे की मौत भी हो चुकी है। डॉक्टर भी दाखिल मरीजों की हालत में सुधार नहीं होने की बात कह रहे हैं।
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हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासियों ने बीते दिन अपने ही पड़ोस में रहने वाले एक रेहड़ी चालक से दोपहर के समय ब्रेड-भुजिया लेकर खाई थी। जिसके बाद से दोनों परिवारों के छह सदस्यों को उल्टी और बुखार होना शुरू हो गया। करीब दो घंटे तक परिवार के सदस्य घर में ही उल्टी करते रहे। इसके बाद पड़ोसियों ने बच्चों के बीमार होने और उल्टी करने के मामले की सूचना परिवार के अन्य सदस्यों को दी तो परिजन सभी सदस्यों को लेकर पास के डॉक्टर के पास पहुंचे तो डॉक्टर ने उन्हें अस्पताल में ले जाने की बात कही। इसके बाद परिजन उनको राजकीय अस्पताल में लेकर पहुंचे तो यहां ढाई वर्षीय बच्चे ने दम तोड़ दिया। जबकि अन्य मरीजों को भर्ती कर उपचार करना शुरू कर दिया। परिवार के अन्य सदस्यों की हालत में सुधार नहीं हुआ तो परिजन एक महिला और एक बच्ची को लेकर निजी अस्पताल में पहुंचे। जिसके बाद गंभीर एक महिला और बच्ची का इलाज अभी निजी अस्पताल में चल रहा है और शेष तीन सदस्यों के स्वास्थ्य में कुछ सुधार हुआ है।
पूनम और मोनिका की हालत अभी गंभीर
ब्रेड-भुजिया खाने के बाद चार बच्चे और दो महिलाओं का स्वास्थ्य बिगड़ गया था। इनमें से अभी 25 वर्षीय पूनम और पांच वर्षीय मोनिका की हालत गंभीर बनी हुई है। इससे पहले ढाई वर्षीय विराज की मौत हो गई थी। जिसकी मौत के बाद परिवार के सदस्य सदमे में है। वहीं मृतक बच्चे के पिता मोहन कुमार ने बताया कि वह काम पर गया हुआ था। बीते दिन शाम को उसके पास फोन आया कि बच्चों की तबीयत खराब हो गई है। वह मौके पर पहुंचा तो घर में बच्चा उल्टी कर रहा था और उसकी हालत गंभीर थी। वह उसे नजदीक के डॉक्टर के पास लेकर पहुंचा और डॉक्टर ने अस्पताल में ले जाने की बात कही। जब वह बेटे को अस्पताल में लेकर पहुंचा तो वहां पर बच्चे ने दम तोड़ दिया।
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यूपी के रहने वाले है दोनों परिवार, रंग-रोगन का करते हैं काम
यूपी के बाराबंकी जिला के रहने वाले चंद्र किशोर और मोहन लाल सिरसा के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहकर यहां पर रंग रोगन का काम करते हैं। वहीं अस्पताल में उपचाराधीन महिला के पति चंद्र किशोर ने बताया कि परिजनों के भुजिया खाने के बाद यह स्थिति हुई है। उसकी पत्नी का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है और डॉक्टर अभी तक हालात गंभीर होने की जानकारी दे रहे है। दोनों परिवारों के छह सदस्यों की हालत खराब हुई थी। उनमें से एक बच्चे की मौत हो गई है अन्यों का का इलाज चल रहा है।
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भुजिया खाने से एक बच्चे की मौत हो गई है। परिजनों की ओर से अभी तक कोई भी शिकायत नहीं आई है। शिकायत आने के बाद ही उक्त आरोपी पर कार्रवाई की जा सकेगी।
- बलवान सिंह, चौकी प्रभारी, जेजे कॉलोनी सिरसा।
विषाक्त भोजन के कारण महिला का स्वास्थ्य खराब हुआ है। अभी उसकी हालत गंभीर है। इलाज चल रहा है।
- सुरेंद्र बिश्नोई, डॉक्टर, जीवन ज्योति अस्पताल सिरसा।

फूड पॉयजनिंग से बच्चे की मौत होने मामले की जानकारी देते परिजन। - फोटो : Sirsa

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