फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बारिश के पानी की निकासी के लिए नप करेगी वैकल्पिक व्यवस्था, किया निरीक्षण

विज्ञापन
चतरगढ़ पट्टी स्थित सिंचाई विभाग का नाला - फोटो : Sirsa
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

सिरसा। शहरी क्षेत्र में बारिश के पानी से होने वाले जलभराव का अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। नगर परिषद की ओर से चलाया जा रहा ड्रेनेज प्रोजेक्ट अधर में है, इसलिए अब अधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था पर मंथन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही नप के कार्यकारी अधिकारी ने बुधवार को विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही फैसला किया है कि बारिश के पानी को माइनर में डाला जाए। इसके अलावा अन्य पहलुओं पर चर्चा के लिए सिंचाई विभाग और एसडीएम से भी बैठक की जाएगी।
जुलाई में बरसाती सीजन शुरू होगा। शहर में होने वाले जलभराव की निकासी को लेकर अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया है। ऐसे में नगर परिषद ने वैकल्पिक व्यवस्था तलाशना शुरू कर दिया है। नगर परिषद ने फैसला किया है कि जब तक ड्रेनेज का काम पूरा नहीं होता, तब तक अन्य तरीके से बारिश के पानी की निकासी करवाई जाए। अब तक डबवाली रोड की ओर सुखचैन माइनर के माध्यम से पानी आता था, जो चत्तरगढ़पट्टी जल घर की डिग्गी तक जाता था, लेकिन इसे बंद कर दिया गया है। अब बारिश के पानी को सिंचाई विभाग के डबवाली रोड स्थित नाले में डाला जाए। इस नाले से पानी रानियां रोड की ओर जाएगा, जिसे खेतों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी संदीप मलिक ने चतरगढ़पट्टी स्थित जलघर के नजदीक सिंचाई विभाग के नाले का भी निरीक्षण किया। इसे लेकर अब सिंचाई विभाग व उच्चाधिकारियों के साथ बैठक निर्णय लिया जायेगा।
विज्ञापन

शहर में यहां होता है जलभराव
बारिश के समय शहर में डबवाली रोड, शिव चौक, बरनाला रोड, अग्रसेन चौक, भादरा बाजार, अनाज मंडी रोड, जनता भवन रोड, सिविल अस्पताल रोड, अनाज मंडी क्षेत्र, परशुराम चौक, भगत सिंह चौक, डीसी कॉलोनी, अग्रसेन कॉलोनी सहित अनेक क्षेत्रों में जलभराव हो जाता है। ऐसे में वाहन चालकों व अन्य नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
16 करोड़ की लागत से बनाया बरसाती नाला भी ठप, सफाई भी नहीं
18 वर्ष पहले शहर में लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से हिसार रोड, डबवाली रोड पर दोनों तरफ बारिश के पानी की निकासी के लिए नाला बनाया गया। लेकिन ये पूरी तरह नकारा साबित हुआ। क्योंकि बरसाती नाला से पानी निकासी की ही व्यवस्था नहीं हो पाई। इतना ही नहीं लोगों ने सीवरेज के कनेक्शन भी बरसाती नाला में छोड़ दिए। इस कारण ये नाला जाम हो गया। प्रशासन इसका नियमित रखरखाव भी नहीं कर पाया। बारिश के सीजन में एक-दो बार सफाई की औपचारिकता जरूर हर वर्ष होती है, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होता। इतना ही नहीं इसके रखरखाव को लेकर हर वर्ष नगर परिषद, पीडब्ल्यूडी और सिंचाई विभाग के अधिकारियों के बीच खींचतान होती। सभी विभागों के अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हैं।
विज्ञापन

बारिश के पानी निकासी को लेकर बिछाई जा रही पाइप लाइन का अभी काम पूरा नहीं है। निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए निरीक्षण किया गया है। इस संबंध में अब उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर शीघ्र निर्णय लिया जायेगा। - संदीप मलिक, ईओ नगरपरिषद सिरसा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें