गोरीवाला। गांव रामपुरा बिश्नोइयां में पंचायती जमीन की बोली को लेकर ग्रामीणों में शुक्रवार को विवाद हो गया। पंचायत विभाग के अधिकारियों को ग्रामीणों ने पंचायतघर में बंधक बना लिया। सूचना पाकर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गुपचुप तरीके से बोली करवाए जाने का प्रयास किया गया है।
गांव रामपुरा बिश्नोइयां की पंचायती करीब 18 एकड़ भूमि की नीलामी होनी थी, जिसको लेकर गांव के कुछ लोग पंचायती भूमि पर बोली देने के पक्ष में थे। इसी बीच गोशाला कमेटी व गांव के युवा वर्ग के लोग पंचायती भूमि को ठेके पर न देकर गोशाला के लिए हरे चारे के लिए देने की बात को दोहरा रहे थे। विवाद होने पर फैसला हुआ कि आधी भूमि पर हरा चारा उगाया जाएगा, जबकि आधी जमीन खेलने के लिए छोड़ी जाएगी। बोली को लेकर मुनादी करवाई गई।
ग्रामीण हेतराम सुथार, मनजीत लाइनमैन, जितेंद्र गोदारा ने बताया कि विभाग ने पंचायत भूमि को नीलाम करने के लिए समाचार माध्यम से आमजन को सूचना दी। ग्रामीणों को पंचायत भूमि को ठेके पर देने को लेकर बैठक का आयोजन किया जाना था। पंचायत घर के अंदर काफी संख्या में लोग पंचायती विभाग के कर्मचारियों का इंतजार करते रहे, परंतु कोई भी कर्मचारी पंचायत घर में नहीं पहुंचा। आरोप है कि शुक्रवार को बिना किसी सूचना के कर्मचारियों के चुपचाप आकर बोली करवा दी।
गुस्साए ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, गेट पर ताला जड़ा
साहब राम पूर्व सरपंच, सोमदत्त स्वामी पूर्व सरपंच, डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि आसपड़ोस के लोगों को जब इस बारे में सूचना मिली, तो उन्होंने पंचायत घर के साथ लगते मंदिर में पंचायती भूमि की बोली होने की मुनादी करवा दी। इस सूचना को सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पंचायत घर में इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने पंचायत घर के मेन गेट को ताला लगा दिया। पंचायत विभाग के अधिकारियों से बिना किसी सूचना के पंचायती भूमि की नीलामी करने के आदेश दिखाने की बात कही। पंचायती विभाग के अधिकारियों को बिना किसी सूचना के बोली करवाने के कारणों को जानना चाहा, तो इसी बीच सचिव कृष्ण कुमार ने कई ग्रामीणों को कानूनी कार्रवाई कर सबक सिखाने की बात कही। इस पर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और उन्होंने बोली रद्द करवाने की मांग की। इसी बीच पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वस्त कर मेन गेट का ताला खुलवाया और आगामी समय तक बोली को निरस्त करने की बात से संतुष्ट होकर ग्रामीणों ने मेन गेट को खोला।
बोले विभागीय अधिकारी -
पंचायती विभाग के एसईपीओ सुरजीत शर्मा ने बताया कि आज गांव की पंचायती जमीन की बोली करवाई जानी थी। इस मामले में किसी भी प्रकार की कोई फ्रॉड नहीं किया गया। गांव के विरोध के कारण ही बोली को रद्द किया गया है।