सिरसा। मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (एमओटीपी) के विरोध में जिले के नर्सिंग कर्मचारियों ने सोमवार को दो घंटे की सांकेतिक हड़ताल की। नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर कर्मचारियों ने पॉलिसी की व्यावहारिक विसंगतियों को लेकर विरोध जताया।
हड़ताल के कारण अस्पतालों में नर्सिंग सेवाएं प्रभावित हुईं। ओपीडी में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मरीज उपचार के लिए इंतजार करते नजर आए। चिकित्सक द्वारा इंजेक्शन लिखे जाने के बाद भी उसे लगवाने के लिए मरीजों को करीब दो घंटे इंतजार करना पड़ा।
नाइट ड्यूटी पर आना-जाना मुश्किल
नर्सिंग ऑफिसर यूनियन के जिला प्रधान राजकुमार भारद्वाज ने कहा कि नर्सिंग कर्मचारियों की कार्यप्रणाली अन्य विभागों से अलग है। अस्पतालों में मरीजों की देखभाल के लिए स्टाफ को सुबह, शाम और रात तीनों शिफ्टों में ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में दूर-दराज के स्थानों पर तबादला होने से विशेषकर नाइट ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के सामने आवागमन और सुरक्षा की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य विभाग, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं समेत जिले के सभी एसएमओ और मेडिकल अधिकारियों को पत्र भेजकर मांगों से अवगत कराया है। एसोसिएशन की मांग है कि अन्य राज्यों की तर्ज पर नर्सिंग कैडर को ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी से बाहर रखा जाए।
भारद्वाज ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ पहले ही काम के दबाव में सेवाएं दे रहा है। दूर-दराज तबादलों से परेशानी और बढ़ेगी। मांगों पर विचार नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा। हड़ताल को तालमेल कमेटी सिरसा के प्रधान अमित, सचिव विजय धींगड़ा और ब्लॉक प्रधान ललित सोलंकी ने भी समर्थन दिया।
रिक्त पद पोर्टल पर नहीं दिखाने का आरोप
राजकुमार भारद्वाज ने आरोप लगाया कि रेशनलाइजेशन के नाम पर रिक्त पदों को ऑनलाइन ट्रांसफर पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं किया जा रहा। इससे कर्मचारियों के विकल्प सीमित हो रहे हैं। उन्होंने लंबे समय से लंबित वॉशिंग अलाउंस जारी करने की भी मांग की। एसकेएस के सचिव रमेश सैनी ने कहा कि विभाग को केवल उन्हीं कर्मचारियों का तबादला करना चाहिए, जो स्वयं इसके इच्छुक हैं। उन्होंने पॉलिसी की समीक्षा कर सेवा अवधि, कार्य परिस्थितियों और कर्मचारियों की व्यावहारिक दिक्कतों के अनुसार जरूरी संशोधन की मांग की।
7 अक्तूबर तक जारी रहेगी हड़ताल
एसोसिएशन के अनुसार 30 सितंबर और एक अक्तूबर को दो-दो घंटे की हड़ताल की जा चुकी है। मांगों का समाधान नहीं होने पर 7 अक्तूबर तक दो घंटे की हड़ताल जारी रहेगी। हालांकि जिला नागरिक अस्पताल के ट्रामा सेंटर और उपमंडल नागरिक अस्पताल के आपातकालीन विभाग में नर्सों ने मरीजों की दिक्कतों को देखते हुए सेवाएं जारी रखीं। इस दौरान ट्रेनी नर्सों ने भी उनका सहयोग किया।