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Sirsa News: पाकिस्तान सीमा से सटे दाउके में 3 दिन ठहरे थे आरोपी, विस्फोटक हमले का लिया था प्रशिक्षण

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सिरसा। महिला थाने पर 25 नवंबर की रात विस्फोटक हमले की जांच में जुटी एसआईटी की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि इस मामले में गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान सीमा से सटे पंजाब के गांव दाउके में तीन दिन ठहरे थे। इस दौरान उन्होंने विस्फोटक हमला कैसे करना है इसका प्रशिक्षण लिया था। एसआईटी सोमवार को आरोपी सुशील के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित किराये के मकान पर पहुंची और उसकी मां समेस्ता देवी से पूछताछ की। उधर, पुलिस अब इस मामले को पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जोड़कर भी जांच कर रही है। हमले के दिन भट्टी ने हमले की जिम्मेदारी भी ली थी।
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एसआईटी के सूत्रों के मुताबिक सुशील ने बताया कि वह और विकास, धीरज व संदीप 18 से 21 नवंबर तक अमृतसर जिले के दाउके गांव में ठहरे थे। वहां इन्हें विस्फोटक हमले की ट्रेनिंग दी गई। उन्हें पंजाब के तरनतारन का रहने वाला एक शख्स दाउके लेकर गया और वहां उनके मोबाइल अपने कब्जे में ले लिए। उधर, समेस्ता देवी ने बताया कि सुशील सांगवान चौक स्थित एक एजेंसी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था, जिसे कुछ दिन पहले छोड़ दिया। 17 नवंबर को सुशील ने बताया कि विकास ने लुधियाना की एक कंपनी में उसके सहित धीरज व संदीप के लिए नौकरी की बात की है। चारों को हर महीने 18-18 हजार रुपये मिलेंगे। 17 नवंबर की रात ही चारों लुधियाना के लिए रवाना हुए। अगले दिन सुशील ने फोन पर बताया कि उनके मोबाइल कंपनी में जमा हो गए हैं, इसलिए बात नहीं कर पाएंगे। 21 नवंबर को कहा कि वे अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने गए हैं और 22 नवंबर की दोपहर तक घर लौट आएंगे।
विस्फोटक लेकर ट्रेन से सिरसा आए थे आरोपी
सूत्रों के अनुसार आरोपियों को प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान लिब्रेशन आर्मी (केएलए) से जुड़े एक शख्स ने दाउके में विस्फोटक से हमले की तीन दिन ट्रेनिंग दी थी। विकास और धीरज काफी समय से उस शख्स के संपर्क में थे। उसी ने आरोपियों को विस्फोटक सामग्री दी थी। विस्फोटक लेकर विकास, धीरज, सुशील व संदीप अमृतसर से बठिंडा और बठिंडा से ट्रेन के जरिए सिरसा आए थे।
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मां बोली-धीरज के घर मिला विस्फोटक
समेस्ता देवी ने बताया कि 22 नवंबर को सुशील घर लौट आया। 26 नवंबर को पुलिस की कई गाड़ियां आईं और सुशील को उठाकर ले गई। इसके बाद पता चला महिला थाने पर विस्फोटक हमले में उसका नाम आया है। पुलिस ने उसे बताया है कि धीरज के घर से विस्फोटक बरामद हुआ है।



बड़ागुढ़ा से चार युवकों को हिरासत में लिया
सूत्रों के अनुसार विकास ने एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया हुआ था जिसमें 200 युवा शामिल है। एसआईटी ने इनमें शामिल बड़ागुढ़ा क्षेत्र से चार युवकों को हिरासत में लिया है। आरोपियों के निशाने पर पुलिस थाने व सिरसा की बड़ी इमारतें थीं। आरोपियों ने गूगल पर सर्च करके शहर की बड़ी इमारतों की फोटो देखी। इन पर जल्द से जल्द हमला करने का दबाव था। इसलिए महिला थाने को चुना, क्योंकि इसे टारगेट करना आसान लगा

कुछ गलत किया है तो अदालत देगी सजा
सुशील मूलरूप से गांव चौटाला का रहने वाला है। पिता भाला राम का 15 साल पहले निधन हो चुका है। मां समेस्ता घरों में सफाई का काम करती है। काफी समय से वह सुशील के साथ सिरसा की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में किराये के मकान पर रह रही है। सुशील तीन साल पहले चिट्टे का नशा करने लगा। उसकी मां का कहना है कि सुशील ने कुछ गलत किया है तो उसे अदालत सजा देगी। कुछ गलत नहीं किया है तो कुछ समय जेल में रहकर उसकी नशे की लत छूट जाएगी।
आरोपियों को हिरासत में लेगी एनआईए
सिरसा। महिला थाने पर विस्फोटक हमले के मामले में एसआईटी सोमवार को दिनभर शहर और खारियां क्षेत्र में सक्रिय रही। संभावना थी कि आरोपियों को सोमवार को पंजाब ले जाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार, पंजाब पुलिस की एक टीम सिरसा पहुंची और एसआईटी से घटना का विवरण तथा आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल की। वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम 5 दिसंबर को सिरसा आने वाली है। इसके बाद एनआईए प्रोडक्शन वारंट के तहत आरोपियों को अपनी हिरासत में ले सकती है। यूएपीए के तहत एनआईए अदालत की अनुमति से किसी भी आरोपी को 180 दिनों तक अपनी हिरासत में रख सकती है। संवाद
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