मोबाइल अल्ट्रासाउंड केंद्र में लिंग जांच के लिए प्रयोग की जा रही मशीन ने सवाल खड़े कर दिए हैं।
मशीन करीब दस साल पहले निर्मित हुई बताई जा रही है। हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि सोनोग्राफी मशीनों की लेटेस्ट टेक्नोलॉजी आ गई है।
यह मशीन अल्ट्रासाउंड के शुरुआती चरण में तैयार की हुई है। चंडीगढ़ से मशीन की आपूर्ति होने से हरियाणा सहित पंजाब तथा चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग का रिकॉर्ड जांचा जा सकता है।
उधर, मशीन के सप्लायर इंजीनियर ने सेशन कोर्ट सिरसा में अपनी अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है।
उपायुक्त सिरसा को दी रिपोर्ट
31 दिसंबर 2014 को सीआईडी तथा सीआईए डबवाली ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गांव मांगेआना में मोबाइल अल्ट्रासाउंड केंद्र का भंड़ाफोड़ किया था।
मामले में अब तक 14 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। अल्ट्रासाउंड केंद्र में प्रयोग की जा रही पोर्टेबल मशीन सप्लायर की पहचान चंडीगढ़ निवासी गुरविंद्र सिंह के रूप में हो चुकी है,
लेकिन मशीन ने स्वास्थ्य विभाग के सामने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। चूंकि मशीन करीब दस साल पुरानी बताई जा रही है।
मशीन से मार्का मिटाया हुआ है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने उपायुक्त निखिल गजराज को अपनी रिपोर्ट में मशीन से संबंधित पूरा विवरण दिया है।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अल्ट्रासाउंड के लिए मशीन खरीदने से पूर्व ऑथोरिटी की मंजूरी आवश्यक है।
पुरानी मशीन को किसी अन्य अल्ट्रासाउंड केंद्र को बेचने के लिए भी परमिशन ली जानी होती है।
तीन राज्य खंगाल सकते हैं रिकार्ड
जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मशीन का मार्का हटाए जाने से इतना तय है कि मशीन का प्रयोग किसी न किसी अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जरूर किया गया है। मशीन चंडीगढ़ से सप्लाई हुई है।
ऐसे में चंडीगढ़ तथा पंजाब के स्वास्थ्य विभाग का रिकॉर्ड खंगाले जाने से मशीन से संबंधित पूरा चिट्ठा सामने आ सकता है। जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मशीन के संबंध में जांच एक बड़ा सवाल है।
जिसके चलते विभाग ने उपायुक्त की मार्फत प्रदेश सरकार से तीनों राज्यों के स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड की जांच करवाए जाने की मांग की है। अगर ऐसा हो गया तो तीनों राज्यों के कई अल्ट्रासाउंड केंद्रों की पोल खुल जाएगी।
मशीन सप्लायर ने लगाई अर्जी
सीआईए डबवाली दावा कर रही है लिंग जांच मामले के मुख्य आरोपी मशीन सप्लायर गुरविंद्र सिंह की तालाश में दो बार छापामारी की गई है।
वहीं, सिरसा निवासी एक व्यक्ति की तलाश में भी पुलिस छापामारी का दावा कर रही है। जबकि गुरविंद्र ने अपनी जमानत के लिए सेशन कोर्ट सिरसा में अर्जी दाखिल की है, जिस पर 17 जनवरी को सुनवाई रखी गई है।
पुलिस की रिपोर्ट आते होगी कार्रवाई
पोर्टेबल मशीन करीब दस साल पुरानी है। मशीन के बारे में रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी गई है। संभव है कि मशीन का पता लगाने के लिए तीन राज्यों के स्वास्थ्य विभाग का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा।
लिंग जांच मामले में आए सिरसा निवासी नछत्तर सिंह का कालांवाली में एक अल्ट्रासाउंड केंद्र चल रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जांच रिपोर्ट मिलते ही जिले का जो भी मेडिकल संस्थान उपरोक्त गिरोह में शामिल होगा, उस पर विभाग कार्रवाई करेगा।
-डॉ. राजकुमार, डिप्टी सिविल सर्जन, सिरसा
भूमिगत हुए मुख्य आरोपी
गुरविंद्र तथा नछत्तर उर्फ मंत्री सहित मामले में संलिप्त आरोपियों की तालाश में छापामारी जारी है। आरोपी भूमिगत हो गए हैं।
गुरविंद्र ने अग्रिम जमानत के लिए सेशन कोर्ट में अर्जी लगाई है। नेटवर्क का हिस्सा बने मेडिकल संस्थानों की रिपोर्ट जल्द स्वास्थ्य विभाग को दी जाएगी।
-राकेश कुमार, प्रभारी, सीआईए डबवाली